Fact Check: सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर वाला एक ग्राफिक शेयर किया जा रहा है। इसमें दावा किया गया है कि सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में आई बाढ़ को लेकर कहा कि यह बाढ़ नहीं, बल्कि ‘गंगा मैया दर्शन देने आई हैं’ और लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। Factgiri की पड़ताल में इस दावे की पुष्टि करने वाला कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिला।
क्या है वायरल दावा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर VN यादव नाम के एक यूजर के नाम से शेयर किए जा रहे पोस्ट में लिखा गया है, जनता को गंगा की बाढ़ से जन-धन की क्षति पहुंचेगी, परन्तु यदि आप बाढ़ के आने को मां गंगा की कृपा मानते हैं, दर्शन करना चाहते हैं तो अपने सारे विधायकों, मंत्रियों के साथ बाढ़ग्रस्त गंगा में डुबकी लगाकर दर्शन कर लीजिए।
पोस्ट के साथ शेयर किए गए ग्राफिक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लगी है और उनके नाम से कथित बयान लिखा है- उत्तर प्रदेश में लोग बोल रहे हैं कई जिलों में बाढ़ आई हुई है, लेकिन मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि वो बाढ़ नहीं आई है बल्कि स्वयं गंगा मैया दर्शन देने आई हैं। चिंता करने वाली कोई बात नहीं।
Factgiri की पड़ताल में क्या निकला?
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए Factgiri ने Google पर “योगी आदित्यनाथ बाढ़”, “योगी आदित्यनाथ गंगा मैया”, “गंगा मैया दर्शन देने आई हैं” और वायरल ग्राफिक में लिखे कथित बयान के अलग-अलग हिस्सों को कीवर्ड बनाकर सर्च किया।
सर्च के दौरान किसी भी विश्वसनीय मीडिया संस्थान की ऐसी खबर नहीं मिली। इसके बाद हमने गूगल पर कीफ्रेम और रिवर्स इमेज सर्च किया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हवाले से वायरल ग्राफिक वाला बयान प्रकाशित किया गया हो। लेकिन यहां भी कोई ऐसा बयान या पोस्ट सामने नहीं आया।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट और उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग से उपलब्ध जानकारी की जांच की गई। वहां भी ऐसा कोई बयान नहीं मिला।
निष्कर्ष
Factgiri की पड़ताल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम से वायरल किया जा रहा बयान फर्जी पाया गया। हमें किसी आधिकारिक रिकॉर्ड, मुख्यमंत्री के सत्यापित सोशल मीडिया अकाउंट या विश्वसनीय समाचार रिपोर्ट में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला कि सीएम योगी ने कहा हो कि उत्तर प्रदेश में बाढ़ नहीं आई है, बल्कि गंगा मैया दर्शन देने आई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ वायरल ग्राफिक में लिखा कथित बयान गलत तरीके से उनके नाम से जोड़ा गया है, जि्से AI से बनाया गया है।
Factgiri Verdict: फर्जी दावा




