Factgiri Fact Check: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को बिजली के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरते हुए दावा किया कि “10 साल में जो सरकार बिजली का कारखाना नहीं लगा सकती, वो हमारे किसानों को कभी सस्ती बिजली नहीं उपलब्ध करा सकती।”
FactGiri ने इस दावे को सरकारी और पावर सेक्टर के रिकॉर्ड से जांचा। पड़ताल में सामने आया कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में कई नई थर्मल पावर यूनिट्स कमर्शियल ऑपरेशन में आई हैं।
खुर्जा में 1320 MW का प्लांट हुआ चालू
सबसे अहम उदाहरण खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट है। बुलंदशहर में बने इस प्लांट की कुल क्षमता 1320 MW यानी 2×660 MW है। हालांकि इसकी आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मार्च 2019 को रखी थी। इसका कमर्शियल ऑपरेशन योगी सरकार के कार्यकाल में हुआ। THDC के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक पहली यूनिट 26 जनवरी 2025 और दूसरी यूनिट 26 सितंबर 2025 को कमर्शियल ऑपरेशन में आईं। दोनों यूनिट अब परिचालन में हैं।
इस प्लांट से पैदा होने वाली बिजली का 64.7 फीसदी हिस्सा यानी करीब 854.6 MW उत्तर प्रदेश को आवंटित है। THDC के मुताबिक प्लांट की अनुमानित वार्षिक उत्पादन क्षमता 9,264 मिलियन यूनिट है।

इसके अलावा योगी सरकार के कार्यकाल में कई नए थर्मल पावर प्रोजेक्ट को मंजूर हुईं, जो अभी निर्माण या विकास की प्रक्रिया में हैं। इनमें ओबरा-डी के 2×800 मेगावाट (1600 MW) और अनपरा-ई के 2×800 मेगावाट (1600 MW) प्रोजेक्ट प्रमुख हैं।
दोनों को उत्तर प्रदेश सरकार ने 2023 में मंजूरी दी थी। वहीं मेजा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्टेज-II में भी 3×800 मेगावाट यानी 2400 MW की अतिरिक्त क्षमता विकसित की जा रही है।

Factgiri Verdit : False
FactGiri की पड़ताल में अखिलेश यादव का दावा गलत पाया गया। एक भी बिजली का कारखाना नहीं लगा कहना गलत है। योगी सरकार में बिजली की क्षमता दोगुनी के करीब हो गई है और किसान-आम आदमी को पहले से बेहतर बिजली मिल रही है।




