क्या स्नेहा कुशवाहा केस में नहीं हुई कोई कार्रवाई? फैक्टगिरी की पड़ताल में दावा निकला गलत

Factgiri Fact Check: बिहार के सासाराम की छात्रा स्नेहा कुशवाहा की वाराणसी में हुई संदिग्ध मौत को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि मामले में लंबे समय से कोई कार्रवाई नहीं हुई। X पर @saini15216 नाम के यूजर ने एक ग्राफिक इमेज शेयर करते हुए दावा किया कि- स्नेहा कुशवाहा की हत्या के मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। FactGiri ने पुराने मीडिया रिकॉर्ड, पुलिस जांच से जुड़ी रिपोर्ट और बाद में हुई गिरफ्तारी की पड़ताल की। रिकॉर्ड बताते हैं कि मामला दर्ज होने के बाद जांच हुई और जुलाई 2025 में एक आरोपी को जेल भी भेजा गया था।

जांच में शिवम पांडेय का नाम, जुलाई में जेल

अमर उजाला की 5 नवंबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक स्नेहा के पिता सुनील कुमार कुशवाहा ने हॉस्टल संचालक रामेश्वर पांडेय के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान स्नेहा के सोशल मीडिया फ्रेंड शिवम पांडेय का नाम सामने आया।

रिपोर्ट के मुताबिक WhatsApp चैटिंग के आधार पर पुलिस ने शिवम को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी बनाया और 5 जुलाई 2025 को जेल भेज दिया। बाद में मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा और आरोपी को जमानत मिली।

SIT जांच का मामला भी आया सामने

फरवरी 2025 में मामले की जांच के लिए विशेष जांच व्यवस्था किए जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद नवंबर 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार में एक सभा के दौरान मामले की SIT से गहन जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही थी।

DCP काशी ने भी गिरफ्तारी की पुष्टि की

मामले को लेकर 1 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया गया कि स्नेहा कुशवाहा की मौत के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पोस्ट पर DCP काशी के आधिकारिक अकाउंट (@VnsDcp) ने जवाब देते हुए इस दावे का खंडन किया।

DCP काशी के मुताबिक, प्रकरण में पिछले वर्ष ही तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने फॉरेंसिक जांच कराई और स्टेट मेडिको लीगल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर मौत को आत्महत्या पाया गया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

FactGiri का निष्कर्ष

उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक FIR दर्ज हुई, मामले की जांच की गई और विवेचना में सामने आए शिवम पांडेय को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी बनाकर 5 जुलाई 2025 को जेल भेजा गया।

FactGiri Verdict: दावा गलत। मामले में पुलिस जांच और गिरफ्तारी दोनों हो चुकी हैं।

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