Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह योगी सरकार की भर्ती व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि “जेल में बंद लड़का SI परीक्षा में पास हो गया। FactGiri ने दावे से जुड़े कीवर्ड्स और पुराने मीडिया रिकॉर्ड खंगाले तो मामला 2022 की यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती से जुड़ा मिला।
क्या दावा किया गया ?
4 अक्टूबर 2026 को X हैंडल @samajwadeksoch से इस वीडियो को इसी दावे के साथ शेयर किया कि जेल में बंद लड़का दरोगा बन गया इस
योगी सरकार में।
क्या था 2022 का मामला?
अमर उजाला की 28 जून 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने 2021 में 9,534 पदों पर भर्ती निकाली थी। बलिया निवासी अर्जुन प्रसाद ने भी आवेदन किया था। आरोप है कि अर्जुन ने भर्ती पास कराने के लिए सॉल्वर गैंग से सात लाख रुपये में सौदा किया।
बिहार के नालंदा निवासी शिशुपाल ने अर्जुन बनकर 16 नवंबर 2021 को लिखित परीक्षा दी। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक दक्षता परीक्षा में भी शिशुपाल ही अर्जुन की जगह शामिल हुआ।
जेल में रहते चयन सूची में आया नाम
अमर उजाला, लाइव हिन्दुस्तान और ABP News की रिपोर्टों के मुताबिक STF ने 20 मई 2022 को अर्जुन और शिशुपाल को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों को जेल भेज दिया गया।
इसके बावजूद 12 जून को जारी अंतिम चयन सूची में अर्जुन का नाम आ गया। तत्कालीन भर्ती बोर्ड अध्यक्ष आरके विश्वकर्मा ने बताया था कि अर्जुन की गिरफ्तारी की सूचना भर्ती बोर्ड तक नहीं पहुंची थी, इसी वजह से उसका नाम अंतिम सूची में शामिल हो गया। मामला सामने आने के बाद भर्ती बोर्ड ने अर्जुन का चयन निरस्त कर उसका नाम अंतिम चयन परिणाम से हटा दिया।

क्या अर्जुन दरोगा बनकर नौकरी करने लगा था?
नहीं। रिकॉर्ड से यह जरूर साबित होता है कि जेल में रहते अर्जुन का नाम अंतिम चयन सूची में आया था। लेकिन मामला सामने आने के बाद उसका चयन रद्द कर दिया गया। उपलब्ध रिपोर्टों में उसके दरोगा के पद पर जॉइन कर नौकरी करने का प्रमाण नहीं मिलता।
FactGiri Verdict: दावा भ्रामक है, जेल में बंद अभ्यर्थी चयन सूची में आया था, लेकिन उसका चयन रद्द कर दिया गया और वह दरोगा के पद पर नियुक्त नहीं हुआ।




