FactGiri Fact Check: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मशहूर ‘प्रेमी पराठा’ समेत सात दुकानों पर बुलडोजर चलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो शेयर करते हुए पुलिस की कार्रवाई और ऊपर से मिले आदेशों के दबाव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि यह कार्रवाई किसी अचानक लिए गए प्रशासनिक फैसले के बजाय पुराने जमीन विवाद में अदालत के आदेश से जुड़ी थी।
वायरल वीडियो में क्या दावा किया गया?
सोशल मीडिया पर विशु राघव नाम के अकाउंट से साझा वीडियो में पुलिस की मौजूदगी में दुकानों को गिराते और स्थानीय लोगों को विरोध करते देखा जा सकता है। वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया है, जब ऊपर से आदेश का डंडा हो तो खाकी की मजबूरी है कि उसे कोर्ट के फैसले को तामील कराना ही पड़ेगा… ऐसे में पुलिस अपनी जगह मजबूर है।
आखिर क्यों तोड़ी गईं सात दुकानें?
दैनिक जागरण की 10 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, घटना बन्नादेवी थाना क्षेत्र के सूतमिल स्थित बीमा नगर की है। यहां 9 अक्टूबर को प्रेमी पराठा समेत सात दुकानों को ध्वस्त किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 1,460 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जे को लेकर रणवीर सिंह, उमा सिंह और उनके भाइयों के बीच वर्ष 1990 से विवाद चल रहा था। अदालत की ओर से रणवीर सिंह के पक्ष में निर्णय आने और कब्जा हटाने के आदेश के बाद पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई की गई।

पुलिस ने क्या बताया?
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में सीओ द्वितीय धनंजय सिंह के हवाले से बताया गया कि सात दुकानों पर कार्रवाई अदालत के आदेश पर की गई। इस दौरान राजस्व विभाग की टीम भी मौजूद थी। अमर उजाला के मुताबिक, बन्नादेवी थाना प्रभारी हरिभान ने भी पुलिस बल के अदालत के आदेश पर मौके पर पहुंचने की बात कही।
FactGiri का निष्कर्ष
अलीगढ़ में दुकानों पर बुलडोजर चलने की घटना वास्तविक है। दैनिक जागरण, अमर उजाला और हिन्दुस्तान की रिपोर्टें पुष्टि करती हैं कि यह कार्रवाई पुराने जमीन विवाद में अदालत के आदेश से जुड़ी थी। वायरल पोस्ट में पुलिस पर किसी अन्य दबाव में कार्रवाई करने का आरोप स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं होता।
FactGiri Verdict: अधूरा संदर्भ। भ्रामक




