Factgiri Fact Check: उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने योगी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रदेश को बेटियों के लिए सबसे असुरक्षित बताते हुए एक साल में 66,381 महिला अपराध, 3,516 दुष्कर्म, 3,206 हत्याओं और 31 एसिड अटैक का उल्लेख किया। FactGiri ने इन दावों की तुलना NCRB 2024 के आंकड़ों और हालिया पुलिस समीक्षा से की।
क्या महिला अपराध में यूपी सबसे असुरक्षित है?
NCRB 2024 रिपोर्ट के अनुसार यूपी में महिलाओं के खिलाफ 66,398 मामले दर्ज हुए। आबादी के मामले में यूपी देश का सबसे बड़े राज्यों में है। अपराध दर (प्रति लाख महिला आबादी) यूपी में 58.0 है, जबकि राष्ट्रीय औसत 64.6 है। दिल्ली (130+), तेलंगाना (124+), राजस्थान (114+) और हरियाणा (110+) की दर यूपी से काफी अधिक है। असली पैमाना अपराध दर है, जिसमें यूपी राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।

अपराध में सजा दिलाने का रिकॉर्ड क्या है?
NCRB 2024 पर आधारित हिन्दुस्तान और दैनिक जागरण की रिपोर्टों के मुताबिक, महिलाओं के खिलाफ अपराधों में उत्तर प्रदेश की दोषसिद्धि दर 76.6 प्रतिशत रही, जो बड़े राज्यों में सबसे अधिक बताई गई है। प्रदेश की अदालतों में 27,639 मामलों की सुनवाई पूरी हुई और 21,169 में दोषसिद्धि दर्ज हुई। अपराधियों को सजा दिलाने में यूपी देश के बड़े राज्यों में सबसे आगे है।

गंभीर अपराधों में कितनी कमी आई?
हिन्दुस्तान टाइम्स, NDTV और मनीकंट्रोल की मई 2026 की रिपोर्टों में NCRB 2024 के हवाले से बताया गया कि दुष्कर्म के मामले 3,516 से घटकर 3,209 हुए। दहेज हत्या के मामले 2,122 से 1,047, अपहरण के 14,272 से 5,306 और महिला की गरिमा भंग करने से संबंधित एक श्रेणी के मामले 9,453 से 4,418 बताए गए।

मिशन शक्ति पर पुलिस समीक्षा में क्या सामने आया?
दिसंबर 2025 में डीजीपी राजीव कृष्ण की समीक्षा के आधार पर Times of India और The Week ने रिपोर्ट किया कि मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना से पहले और बाद की तीन-तीन महीने की अवधि में दुष्कर्म के दर्ज मामले 33.92 प्रतिशत और महिलाओं व बच्चियों के अपहरण के मामले 17.03 प्रतिशत घटे। दहेज हत्या में 12.96 प्रतिशत की कमी बताई गई।

FactGiri का निष्कर्ष
आराधना मिश्रा के प्रस्तुत अपराध आंकड़े अकेले यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि यूपी महिलाओं के लिए देश का सबसे असुरक्षित राज्य है। यूपी में अपराध दर राष्ट्रीय औसत से कम है। सजा दिलाने में यूपी बड़े राज्यों में नंबर-1 है। दहेज हत्या, अपहरण और शील भंग जैसे संगीन अपराधों में भारी गिरावट आई है। मिशन शक्ति के बाद 2025-26 में और सुधार दिख रहा है।




