FactGiri Fact Check: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि 45 किलोमीटर के हिस्से में 74 गड्ढे हो गए हैं। इसी दौरान उन्होंने अपनी सरकार में बने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए उसकी गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठने की बात कही। उन्होंने यहां तक कहा कि अबतक वह एक्सप्रेसवे मजबूती से टिका हुआ है। लेकिन क्या आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे में कभी सड़क धंसने या गड्ढे की समस्या नहीं आई? इस दावे की पड़ताल में पुराने और हालिया रिकॉर्ड सामने आते हैं, जो तस्वीर को थोड़ा अलग बताते हैं।
दावा क्या किया गया?
अखिलेश यादव ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए 45 किलोमीटर में 74 गड्ढों का दावा किया। उनका तर्क आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से तुलना का भी था।
2018 में सड़क धंसने से गड्ढे में जा गिरी थी कार
इस दावे की पड़ताल में सबसे अहम रिकॉर्ड आजतक की रिपोर्ट है। रिपोर्ट के मुताबिक बनने के दो साल के अंदर ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के वाजिदपुर पुलिया के पास सर्विस रोड का हिस्सा धंस गया था और एक कार तो गड्ढे में जा गिरी थी। रिपोर्ट में बारिश के कारण सड़क करीब 15 फीट तक कटने और लगभग 50 फीट गहरे गड्ढे का जिक्र किया गया था। घटना के बाद योगी सरकार ने जांच के आदेश भी दिए थे।

2026 में भी बारिश और ड्रेनेज की समस्या सामने आई
रिकॉर्ड यहीं खत्म नहीं होता। दैनिक जागरण की हालिया रिपोर्ट में उन्नाव के बाराती खेड़ा क्षेत्र में बारिश के बाद एक्सप्रेसवे के किनारे मिट्टी के कटाव की जानकारी दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक बड़ौरा के पास करीब 20 मीटर और भवानीखेड़ा के पास करीब 100 मीटर सड़क धंसने की बात सामने आई। कई जगह ड्रेनेज पाइप और नालियों को नुकसान पहुंचने का भी उल्लेख है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि निर्माण एजेंसी ने करीब 200 स्थानों पर नालियों की मरम्मत की और अलग-अलग हिस्सों में पैचिंग की गई। 57 स्थानों पर 100 मीटर से लेकर डेढ़ किलोमीटर तक धंसे मार्ग को ठीक किए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।

उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर इतना साफ है कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़े हिस्सों में सड़क धंसने, कटाव और ड्रेनेज की समस्याएं अलग-अलग समय पर सामने आई हैं। 2018 की घटना सर्विस रोड की थी, जबकि 2026 की रिपोर्ट में एक्सप्रेसवे के मुख्य मार्ग के कुछ हिस्सों और ड्रेनेज से जुड़ी समस्याओं का जिक्र है।

Factgiri का निष्कर्ष
2018 में सर्विस रोड धंसने की घटना दर्ज है और 2026 में भी बारिश के बाद सड़क धंसने, मिट्टी कटाव, ड्रेनेज और पैचिंग की समस्याएं रिपोर्ट हुई हैं। Fact यह है कि जिस एक्सप्रेसवे को उदाहरण के तौर पर पेश किया गया, उसके अलग-अलग हिस्सों में समय-समय पर मरम्मत और सड़क संबंधी कई समस्याएं दर्ज हुई हैं।




