Fact Check: सोशल मीडिया पर सपा नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को लेकर एक पुरानी इमेज फिर वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि- आजम खान साहब को जेल के अंदर जहर दिया गया था और जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने पत्रकारों को इसकी जानकारी दी थी। पोस्ट में पत्रकार शाहिद खान और मंसूर आलम के नाम भी लिखे हैं।
वायरल पोस्ट को ऐसे शेयर किया जा रहा है, जैसे आजम खान ने खुद जेल में जहर दिए जाने की बात स्वीकार की हो। लेकिन Factgiri की पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला। असल में यह मामला सितंबर 2025 का है और आजम खान ने खुद ‘स्लो पॉइजन’ दिए जाने की बात से इनकार किया था।

क्या है वायरल दावे की पूरी कहानी?
आजम खान करीब 23 महीने जेल में रहने के बाद 23 सितंबर 2025 को सीतापुर जेल से बाहर आए थे। इसके कुछ दिनों बाद पूर्व राज्यसभा सांसद और पत्रकार शाहिद सिद्दीकी ने दावा किया कि आजम खान ने उन्हें बताया है कि जेल में उन्हें और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को खाने में स्लो पॉइजन दिया जा रहा था। सिद्दीकी के मुताबिक, इसी आशंका के कारण आजम खान जेल का खाना खाने से बचते थे।
लेकिन आजम खान ने खुद क्या कहा?
29 सितंबर 2025 को आजम खान ने इस दावे पर खुद स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि शायद शाहिद सिद्दीकी को उनकी बात समझने में गलती हुई है। आजम खान के मुताबिक, उन्होंने यह नहीं कहा था कि उन्हें जेल में स्लो पॉइजन दिया जा रहा था।
आजम ने बताया कि मुख्तार अंसारी की जेल में मौत और उन्हें जहर दिए जाने की उस समय चल रही चर्चाओं के बाद वह खुद खाने-पीने को लेकर बेहद सतर्क हो गए थे। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वह खाने को लेकर सावधानी बरतते थे।

Factgiri की पड़ताल में क्या निकला?
वायरल इमेज में जिस तरह लिखा है कि आजम खान को जेल में जहर दिया गया था और उन्होंने खुद पत्रकारों को बताया, वह तस्वीर पूरी कहानी नहीं बताती। शाहिद सिद्दीकी ने ऐसा दावा जरूर किया था, लेकिन आजम खान ने बाद में इसे स्पष्ट रूप से गलतफहमी बताया।

वायरल पोस्ट में आजम खान के दिल्ली में इलाज वाली बात भी सितंबर 2025 की पुरानी परिस्थिति से जुड़ी है। इसलिए करीब एक साल पुराने इस विवाद को आजम खान के मौजूदा बयान या नई घटना की तरह पेश करना भ्रामक है।
Factgiri Verdict: FALSE / गलत




