Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर भदोही की एक महिला के सड़क पर बच्चे को जन्म देने का वीडियो और पोस्ट वायरल है। दावा किया जा रहा है कि महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल ने महिला को इसलिए भर्ती नहीं किया क्योंकि वह मुसहर समाज से आती है। FactGiri ने वायरल दावे की पड़ताल की। सड़क पर प्रसव की घटना वास्तविक है, लेकिन प्रशासन ने इस मामले में तुरंत एक्शन लिया और CMO खुद महिला के घर पहुंचे और जच्चा-बच्चा दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल पहुंचने के बाद क्या हुआ?
मामला ज्ञानपुर स्थित महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल का है। जागरण और आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, जोरईं गांव की 20 वर्षीय रानी देवी प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल पहुंची थीं। परिवार का आरोप है कि स्टाफ ने उन्हें भर्ती करने के बजाय खून की कमी बताते हुए दूसरे अस्पताल जाने को कहा। परिवार के मुताबिक, अस्पताल से लौटते समय गेट के बाहर ही महिला का प्रसव हो गया। महिलाओं ने चादर की ओट में प्रसव कराया और बाद में जच्चा-बच्चा को घर ले जाया गया।
प्रशासन ने क्या बताया और क्या कार्रवाई हुई?
सीएमओ डॉ. एसके चक के मुताबिक महिला का हीमोग्लोबिन काफी कम था और इसी वजह से उसे रेफर किया गया था। लेकिन अस्पताल की स्थिति और महिला को मिले उपचार को लेकर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
मामले की जानकारी मिलते ही सीएमओ खुद महिला के घर पहुंचे और जच्चा-बच्चा दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। महिला का इलाज शुरू किया गया और चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया। प्रशासन के मुताबिक दोनों की हालत सुरक्षित है।
मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम भी गठित की गई है। इसमें एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ और महिला रोग विशेषज्ञ समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हैं। डीएम शैलेश कुमार ने भी जांच के निर्देश दिए हैं और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की बात कही है।


FactGiri का निष्कर्ष
सड़क पर महिला के प्रसव की घटना सच है और अस्पताल की ओर से हुई लापरवाही का मामला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है, जबकि जातिगत भेदभाव का दावा फिलहाल अपुष्ट पाया गया, जिसकी जांच चल रही है।




