Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर बुलंदशहर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि गणेश विसर्जन के दौरान पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और युवकों के साथ मारपीट की। वायरल वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी लोगों को लाठियों से हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं। दावा यह भी किया गया कि सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मी भी लोगों पर लाठियां बरसा रहे थे। लेकिन फैक्ट गिरी की पड़ताल में तस्वीर कुछ और ही सामने आई।
क्या है वायरल वीडियो का दावा?
भारत समाचार के सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किए गए वीडियो में दावा किया गया कि घटना छतारी थाना क्षेत्र की है। पोस्ट के मुताबिक, गणेश विसर्जन के लिए जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली की बस से टक्कर के बाद विवाद शुरू हुआ और पुलिस ने महिलाओं व युवकों पर लाठियां बरसाईं।
Factgiri की पड़ताल में क्या निकला?
Factgiri ने वायरल वीडियो की पड़ताल शुरू की और घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई। जांच के दौरान हमें इस मामले पर बुलंदशहर पुलिस का आधिकारिक स्पष्टीकरण मिला। पुलिस ने वायरल वीडियो को लेकर घटना का पूरा संदर्भ बताया है।
बुलंदशहर पुलिस के मुताबिक, 24 सितंबर 2026 को थाना छतारी क्षेत्र के छतारी दौराहे पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बस को पीछे से टक्कर मार दी थी। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोगों और महिलाओं की बस चालक के साथ कहासुनी हो गई।

पुलिस का कहना है कि विवाद बढ़ने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोगों और महिलाओं ने बस चालक के साथ कथित तौर पर मारपीट और गाली-गलौज शुरू कर दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाने और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने।
मामला यहीं नहीं रुका। पुलिस के अनुसार, इसके बाद थाने में भी ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोगों और महिलाओं द्वारा तोड़फोड़ और हंगामा किया गया। स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। अमर उजाला की 24 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रॉली सवार लोगों ने बस चालक के साथ मारपीट की। पुलिस उन्हें थाने लेकर पहुंची, जहां दोबारा हंगामा और पुलिस से नोकझोंक हुई।

सादी वर्दी में पुलिसकर्मी क्यों दिखे?
वायरल वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी सादी वर्दी में भी नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में इसे पुलिस की कथित मनमानी से जोड़कर पेश किया गया है। हालांकि, बुलंदशहर पुलिस के मुताबिक, थाने की बैरक में रात्रि ड्यूटी पूरी करने के बाद कुछ जवान सादे कपड़ों में मौजूद थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इन जवानों को भी मौके पर आना पड़ा। हंगामा कर रहे लोगों को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। इसी दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
निष्कर्ष
Factgiri की पड़ताल में वायरल वीडियो वास्तविक घटना का पाया गया, लेकिन इसे सोशल मीडिया पर एकतरफा दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
Fact Check: भ्रामक




