Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर लखनऊ के इकाना स्टेडियम के पास सड़क धंसने का वीडियो वायरल है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि नई सड़क पहली ही बारिश में करीब 100 मीटर तक धंस गई और यह भाजपा के कथित ‘भ्रष्टाचार मॉडल’ का नतीजा है। FactGiri की पड़ताल में सड़क धंसने की घटना सही मिली, लेकिन इसे भाजपा के कथित भ्रष्टाचार या कमीशनखोरी का प्रमाण बताने की पुष्टि नहीं हुई।
क्या है वायरल वीडियो का दावा?
यूपी कांग्रेस के सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किए गए वीडियो में इकाना स्टेडियम के पास क्षतिग्रस्त सड़क दिखाई गई। पोस्ट में इसे नई सड़क बताते हुए भाजपा सरकार पर सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप लगाए गए।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
हिन्दुस्तान और अमर उजाला की रिपोर्टों के मुताबिक, गोमतीनगर विस्तार के CG City इलाके में इकाना स्टेडियम के पास सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया। अमर उजाला की रिपोर्ट में करीब 100 मीटर सड़क प्रभावित होने की बात है।
मामला उस जगह का है जहां LDA की मल्टी-लेवल पार्किंग परियोजना के लिए बेसमेंट की खुदाई चल रही थी। Hindustan Times के मुताबिक, पार्किंग के लिए करीब 22 फीट तक खुदाई हो चुकी थी और प्रस्तावित ट्रिपल-बेसमेंट की गहराई लगभग 30 फीट है। लगातार तीन दिन की बारिश के दौरान खुदाई वाले हिस्से के आसपास पानी जमा हुआ और रेतीली मिट्टी में पानी रिसने से सड़क प्रभावित हुई। LDA ने तकनीकी जांच कराने की बात कही है।

LDA ने निर्माण एजेंसी को क्षतिग्रस्त सड़क अपने खर्च पर ठीक कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में रिटेनिंग वॉल और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

क्या सड़क ‘नई-नवेली’ थी?
रिपोर्टों से यह जरूर सामने आता है कि सड़क के आसपास निर्माण कार्य चल रहा था और प्रभावित हिस्से के पास मल्टी-लेवल पार्किंग के लिए गहरी खुदाई हो रही थी। इसलिए इसे केवल ‘नई सड़क पहली बारिश में धंस गई’ कहकर घटना की पूरी वजह बताना भ्रामक है।

क्या सड़क भ्रष्टाचार के कारण धंसी?
यही वायरल दावे का अहम हिस्सा है। अभी उपलब्ध रिपोर्टों में भ्रष्टाचार या कमीशनखोरी को सड़क धंसने का प्रमाणित कारण नहीं बताया गया है। सामने आए तथ्यों में लगातार बारिश, पानी का मिट्टी में रिसाव और बगल में चल रही गहरी खुदाई प्रमुख कारणों के रूप में बताए गए हैं। तकनीकी जांच से वास्तविक कारण और नुकसान की सीमा स्पष्ट की जानी है।
FactGiri निष्कर्ष: भ्रामक
सड़क धंसने की घटना वास्तविक है, लेकिन इसे सीधे भाजपा के ‘भ्रष्टाचार मॉडल’ या कमीशनखोरी का सबूत बताने का दावा उपलब्ध तथ्यों से साबित नहीं होता।




