Factgiri Fact Check: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में खजनी थाना क्षेत्र के अर्जुन यादव की मौत को लेकर पुलिस पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए गए। परिजनों का कहना है कि साइकिल चोरी के मामले में हिरासत में लिए जाने के बाद अर्जुन के साथ पुलिस ने मारपीट की, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान मौत हो गई। दूसरी तरफ पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि अर्जुन को थाने में ही अचानक दौरा पड़ने के बाद वह जमीन पर गिर गए थे, जिससे सिर में चोट लगी। पुलिस ने इस घटना का CCTV फुटेज भी जांच का हिस्सा बनाया है।
FACTGIRI की पड़ताल में जब थाने में लगे सीसीटीवी फुटेज को देखा गया तो सामने आया कि आरोपी सुबह के वक्त खड़े होकर शरीर सीधा कर रहा था, इसी दौरान उसे दौरा पड़ा और वो गिर गया।
क्या है पूरा मामला?
अर्जुन यादव (46) गोरखपुर के खजनी थाना क्षेत्र के रुद्रपुर गांव के रहने वाले थे और अंडा-बिरयानी/लिट्टी की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। 13 सितंबर की रात उन्हें साइकिल चोरी से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए पुलिस थाने लेकर गई थी।
परिजनों का आरोप है कि हिरासत के दौरान पुलिस ने अर्जुन के साथ मारपीट की। उनकी बेटी मुस्कान ने पुलिस पर पिटाई के साथ-साथ 15 हजार रुपये मांगने का भी आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।
पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर को अर्जुन के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई थी। न्यायालय में पेश किए जाने से पहले थाना कार्यालय के सामने उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी। पुलिस का कहना है कि उन्हें मिर्गी का दौरा पड़ा और वह गिर गए, जिससे सिर में चोट लगी।
CCTV में क्या दिखाई देता है?
यही इस मामले का सबसे अहम पहलू है। पुलिस की ओर से उपलब्ध कराए गए CCTV फुटेज के संबंध में अमर उजाला की रिपोर्ट में बताया गया है कि अर्जुन पहले फर्श पर बैठे दिखाई देते हैं। कुछ देर बाद वह अचानक खड़े होते हैं। इसी दौरान उनके शरीर में झटका/कंपन दिखाई देता है और वह जमीन पर गिर जाते हैं। इस पूरी घटना का फुटेज पुलिस ने अपने X हैंडल पर पोस्ट भी किया है।
अस्पताल में इलाज के बाद हुई मौत
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद अर्जुन को सीएचसी हरनहीं ले जाया गया। आरोपी ने यहां मेडिकल कराने से इंकार कर दिया, उपचार के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया और जमानत मिलने पर घर भेज दिया गया।
परिजनों के मुताबिक, 15 सितंबर की रात करीब दो बजे उनकी तबीयत दोबारा बिगड़ गई। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। 16 सितंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
17 सितंबर को प्रकाशित अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पोस्टमार्टम में सिर में लगी चोट को मौत की वजह बताया गया है। मामले की जांच एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी को सौंपी गई है।

पुलिस के खिलाफ लगाए गए आरोपों का क्या?
पुलिस ने मामले को केवल बयान के आधार पर खत्म नहीं किया है। CCTV फुटेज, मेडिकल दस्तावेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच जारी है।
FACTGIRI VERDICT: भ्रामक
मारपीट का आरोप परिवार की ओर से लगाया गया है, लेकिन उपलब्ध CCTV में अर्जुन को अचानक झटका आने के बाद गिरते हुए दिखाए जाने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम में सिर की चोट को मौत की वजह बताया गया है। इसलिए पुलिस की पिटाई से अर्जुन यादव की मौत होने का दावा करना उपलब्ध सबूतों के आधार पर भ्रामक है।




