Fact Check: सोशल मीडिया पर रक्षाबंधन के दौरान एक महिला को बसें न मिलने और सरकारी बसों के नहीं रुकने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार की तीन दिन की मुफ्त बस सेवा के बावजूद महिलाओं को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा, और बसें नहीं मिली। हालांकि, Factgiri की पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो को एकतरफा संदर्भ में शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल दावा?
इंस्टाग्राम पर newscapsules_ ने वायल वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें एक महिला बच्चे को गोद में लिए फ्री बस सेवा न मिलने पर वीडियो के जरिए सीएम योगी से शिकायत करती है। समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने अपने X हैंडल पर वीडियो को शेयर करते हुए लिखा- रक्षाबंधन पर फ्री बस सेवा के नाम पर महिलाओं, बहन बेटियों को धोखा दिया है मुख्यमंत्री बिष्ट दित्यनाथ ने… वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
Factgiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
फैक्टगिरी ने जब वायरल वीडियो का स्नैपशॉट लेकर गूगल रिवर्स इमेज पर अपलोड किया तो, उसी महिला का एक और वीडियो सामने आया जिसे, सुधीर मिश्रा नाम के यूजर ने अपने X हैंडल पर शेयर किया है। इस वीडियो में वही महिला बस में बैठी नजर आती है और लोगों से फ्री बस सेवा का लाभ लेने की बात कहती दिखाई देती है।
इससे स्पष्ट होता है कि वायरल किए जा रहे पहले वीडियो के आधार पर यह कहना कि महिला को आखिर तक बस नहीं मिली या सरकारी बसें लगातार महिलाओं के लिए नहीं रुक रही थीं, सही नहीं है।
निष्कर्ष
Factgiri की पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक पाया गया। वायरल वीडियो में महिलाओं को बस का इंतजार करते और परेशानी बताते हुए दिखाया गया है, लेकिन उसी महिला का बाद में बस में बैठने वाला वीडियो भी सामने आया है।
दावा: रक्षाबंधन पर मुफ्त बस सेवा के बावजूद महिलाओं को बसें नहीं मिलीं और सरकारी बसें उन्हें देखकर नहीं रुकीं।
FACT: वायरल वीडियो को अधूरे संदर्भ के साथ शेयर किया जा रहा है। उसी महिला का बाद का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह बस में बैठी दिखाई देती है।
MISLEADING




