Budaun Rajesh Kori Viral Video Fact Check: उत्तर प्रदेश के बदायूं में पुलिस हिरासत के दौरान 28 वर्षीय राजेश कोरी की मौत के मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। वीडियो को शेयर करते हुए आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि दातागंज थाने में पुलिस की पिटाई के बाद राजेश की मौत हुई। हालांकि Factgiri की पड़ताल में पुलिस पिटाई से मौत के दावे को सही साबित करने वाला कोई पुष्ट तथ्य नहीं मिला।
क्या दावा किया जा रहा है?
वायरल वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि बदायूं के दातागंज थाने में दलित युवक राजेश कोरी की पुलिस ने पिटाई की और इसी के बाद उसकी मौत हो गई। संजय सिंह और इमरान प्रतापगढ़ी ने वीडियो शेयर करते हुए इस घटना को लेकर यूपी सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
घटना वास्तव में क्या थी?
पुलिस और कई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 27 अगस्त को अटसेना गांव में भंडारे के दौरान दो पक्षों में विवाद और मारपीट हुई थी। इसके बाद राजेश समेत कुछ लोगों को दातागंज थाने लाया गया था। राजेश के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई थी। अगले दिन थाने में राजेश की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे पहले दातागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर बदायूं जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
Fact Check में क्या निकला?
Factgiri की पड़ताल में यह दावा भ्रामक/अपुष्ट पाया गया कि राजेश की मौत पुलिस की पिटाई के कारण हुई। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों के पैनल ने जांच की और मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया। पुलिस ने यह भी कहा कि शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले।
वहीं, वायरल वीडियो में राजेश हवालात के गेट पर बेहोशी की हालत में पड़ा दिखाई दे रहा है। एक सिपाही और होमगार्ड उसे पानी पिलाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
निष्कर्ष
वायरल पोस्ट में पुलिस पिटाई को मौत का कारण बताकर जो दावा किया जा रहा है, उसकी उपलब्ध आधिकारिक जांच से पुष्टि नहीं होती। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट यानी हार्ट अटैक आई है।
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