Fact Check: गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र में बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी पर हुए जानलेवा हमले के बाद उनकी मौत को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर भी दावा किया गया कि पुलिस ने मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
लेकिन Factgiri की पड़ताल में यह दावा भ्रामक मिला। पुलिस जानकारी के मुताबिक, घटना के बाद FIR दर्ज की गई और 3 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है, बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। मामले में थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को निलंबित भी कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, 9 सितंबर 2026 की रात करीब 8 बजे विनोद कुमार साहनी दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। परसपुर थाना क्षेत्र में रेक्सड़िया गांव के पास चार बाइकों से पहुंचे 8-10 लोगों ने उनकी बाइक रोककर उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
गंभीर हालत में उन्हें पहले परसपुर CHC, फिर गोंडा मेडिकल कॉलेज और बाद में लखनऊ के KGMU ले जाया गया। 10 सितंबर को दोपहर करीब 3 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मामले में शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह और सुभाष सिंह समेत अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक, घटना के पीछे सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर रंजिश की बात सामने आई है। मृतक विनोद एक जाति विशेष को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था, जिसके चलते आरोपियों की उसके साथ मारपीट हुई।
Factgiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
गोंडा एसपी अभिषेक झा ने खुद जानकारी दी कि, पीड़ित विनोद की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया था और उनकी मौत के बाद केस में हत्या की धाराएं बढ़ाई गईं। पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह और सुभाष सिंह समेत एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
गोंडा पुलिस की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक पुलिस टीमें गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं। मामले में लापरवाही बरतने को लेकर थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को तत्कल निलंबित कर दिया गया है।

निष्कर्ष
इस पूरे मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की वाला दावा भ्रामक है। मामले में FIR दर्ज हुई, 3 नामजद आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले दो पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया है।
Verdict: MISLEADING | भ्रामक




