FactGiri Fact Check: वाराणसी के नमो घाट पर JCB मशीन का एक वीडियो शेयर करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने गंगा में मिट्टी फेंके जाने का आरोप लगाया है। 9 अक्टूबर को अपने X अकाउंट @kashikirai से किए गए पोस्ट में उन्होंने गंगा स्वच्छता और प्रस्तावित एयर शो की तैयारियों पर सवाल उठाए। लेकिन क्या वीडियो में वास्तव में गंगा को प्रदूषित किया जा रहा है? FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि नमो घाट पर बाढ़ के बाद जमा गाद हटाने का अभियान चल रहा है।
अजय राय ने क्या दावा किया?
अजय राय ने वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में नमो घाट पर JCB से गंगा में मिट्टी फेंकी जा रही है। उन्होंने कहा कि एयर शो के जरिए विकास दिखाने के साथ घाटों की स्वच्छता, सुरक्षा और संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
नमो घाट पर JCB क्यों चल रही है?
अमर उजाला की 16 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा का बाढ़ का पानी कम होने के बाद नमो घाट पर जमा सिल्ट हटाने का काम शुरू कर दिया गया था। यानी यह सफाई अभियान अजय राय के 9 अक्टूबर वाले पोस्ट से कई सप्ताह पहले चल रहा था।

दैनिक जागरण ने 3 अक्टूबर को बताया कि बाढ़ उतरने के बाद नमो घाट के निचले हिस्से में सिल्ट और कीचड़ जमा था। इससे एयर शो के दौरान दर्शकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती थी।
वहीं, दैनिक भास्कर की 9 अक्टूबर की रिपोर्ट में घाटों की सफाई के लिए JCB और पंप के इस्तेमाल का उल्लेख है। बाढ़ के बाद सीढ़ियों, प्लेटफॉर्म और संपर्क मार्गों पर जमी गाद हटाना सफाई अभियान का हिस्सा बताया गया है।

FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
उपलब्ध समाचार रिपोर्टें पुष्टि करती हैं कि नमो घाट पर बाढ़ के बाद जमा सिल्ट हटाने का अभियान चल रहा है। इस काम में मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है और एयर शो से पहले सफाई तेज की गई है।

FactGiri निष्कर्ष: अजय राय के वीडियो में JCB से मिट्टी हटाने की गतिविधि दिखाई देती है, लेकिन इससे सीधे गंगा में मिट्टी फेंके जाने का आरोप साबित नहीं होता।
यह गंगा में मिट्टी फेंकना नहीं, बल्कि बाढ़ के बाद जमा सिल्ट हटाने का अभियान है, जो एयर शो और सामान्य घाट उपयोग के लिए तेज किया गया है। इसे गंगा प्रदूषण का प्रमाण बताना भ्रामक संदर्भ प्रस्तुत करता है।




