Fact Check: लखनऊ के गोसाईंगंज स्थित बेगरियामऊ उच्च प्राथमिक विद्यालय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कथित पत्रकार और यूट्यूबर अमित यादव के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इसके बाद अमित यादव ने आरोप लगाया कि स्कूल की स्थिति दिखाने पर उन्हें और उनके परिवार को पुलिस-प्रशासन की ओर से धमकाया जा रहा है। Factgiri की पड़ताल में धमकी दिए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली।
क्या है मामला?
20 अगस्त को अमित यादव अपने सहयोगियों के साथ बेगरियामऊ स्थित विद्यालय पहुंचे थे। उस समय स्कूल में परीक्षाएं चल रही थीं। शिकायत के मुताबिक, उन्होंने बिना विद्यालय या शिक्षा विभाग की अनुमति के परिसर में प्रवेश किया और शौचालय, साफ-सफाई तथा पेयजल व्यवस्था का वीडियो बनाया। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्या विनीता श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि वीडियो में स्कूल की स्थिति को वास्तविकता के विपरीत दिखाया गया।

अमित यादव ने क्या आरोप लगाए?
FIR के बाद अमित यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो जारी कर कार्रवाई पर सवाल उठाए। यह भी दावा किया कि पुलिस-प्रशासन और सरकार की ओर से उन्हें तथा उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है और धमकी दी जा रही है। इस वीडियो को @Wsuryasamajwadi नाम के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया था, पर खुद अमित यादव के सोशल मीडिया अकाउंट पर हमे ये वीडियो अब नहीं दिख रहा।
हालांकि, Factgiri को उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में इन धमकी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली। द वायर की रिपोर्ट के अनुसार भी अमित यादव ने अपने फेसबुक पेज पर FIR को आलोचनात्मक रिपोर्टिंग दबाने की कार्रवाई बताया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि प्रतिक्रिया के लिए उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन जवाब नहीं मिला।
Fact Check: धमकी के दावे में कितना सच?
दावा: सरकारी स्कूल की बदहाली दिखाने के बाद पत्रकार अमित यादव को सरकार और पुलिस-प्रशासन धमका रहा है।
पड़ताल: FIR दर्ज होने और अमित यादव द्वारा कार्रवाई पर सवाल उठाए जाने की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से होती है। लेकिन सरकार या पुलिस-प्रशासन द्वारा उन्हें धमकी दिए जाने के दावे की पुष्टि नहीं।
दावा: भ्रामक/MISLEADING




