कानपुर में माती कोर्ट के बाहर युवक को जबरन उठाने का दावा भ्रामक, जांच में सामने आया आपराधिक केस और जमानत का कनेक्शन

Factgiri Fact Check: कानपुर देहात के माती कोर्ट के गेट नंबर-1 के बाहर पुलिस और वकीलों के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच एक युवक खुद को बचाने के लिए चिल्लाता नजर आ रहा है। इसके बाद दावा किया गया कि पुलिस बिना किसी आधार के युवक को जबरन उठा रही थी और उसकी जान को खतरा था। लेकिन FACTGIRI की पड़ताल में तस्वीर कुछ अलग सामने आई। पुलिस के मुताबिक, टीम किसी आम युवक को नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित शिवम यादव को रोकने पहुंची थी।

वायरल वीडियो में क्या दावा किया गया?

सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में एक युवक पुलिसकर्मियों से घिरा दिखाई देता है। युवक यह कहते हुए सुनाई देता है कि “ये लोग मुझे गोली मार देंगे।” वीडियो सामने आने के बाद कुछ पोस्ट में सादे कपड़ों और बिना नंबर प्लेट की गाड़ी को आधार बनाकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए।

दावा किया गया कि पुलिस बिना किसी कानूनी आधार के युवक को पकड़कर ले जाने की कोशिश कर रही थी।

FACTGIRI की पड़ताल में क्या सामने आया?

FACTGIRI ने वायरल वीडियो से जुड़ी रिपोर्ट्स और पुलिस के आधिकारिक पक्ष को खंगाला। दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि मामला कानपुर देहात के माती कोर्ट के बाहर का है। वहीं पुलिस की ओर से बताया गया कि युवक की पहचान शिवम यादव के रूप में हुई है।

कानपुर देहात के अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद के मुताबिक, शिवम यादव थाना रूरा में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में वांछित था। उसे अदालत से अग्रिम जमानत मिली थी, लेकिन जमानत की शर्तों के तहत जांच में सहयोग और थाने में हाजिरी जैसी शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा था।

सिविल ड्रेस में क्यों पहुंची थी SOG टीम?

पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिलने के बाद विवेचनाधिकारी, SOG और सर्विलांस टीम शिवम यादव को रोकने और मामले की जांच के सिलसिले में पूछताछ करने पहुंची थी। टीम में SOG प्रभारी जयप्रकाश शर्मा और सर्विलांस प्रभारी सौरभ राणा भी शामिल थे।

मामला उस समय बिगड़ गया, जब युवक ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद मौके पर मौजूद वकील और अन्य लोग वहां जमा हो गए। सादे कपड़े और बिना नंबर प्लेट की गाड़ी देखकर लोगों ने पुलिस टीम से सवाल-जवाब शुरू कर दिए।

विरोध के बाद लौट गई पुलिस टीम

पुलिस के मुताबिक, मौके पर मौजूद लोगों ने टीम को घेर लिया और गाड़ी की चाबी तक निकाल ली। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मी युवक को वहीं छोड़कर वापस लौट गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और इसे पुलिस द्वारा युवक के ‘अपहरण’ या कथित फर्जी एनकाउंटर से जोड़कर शेयर किया जाने लगा।

युवक का आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने

पुलिस के अनुसार, शिवम यादव के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ चोरी, ट्रकों से लूटपाट, बंद मकानों में नकबजनी और अवैध हथियारों से जुड़े मामले भी रहे हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि अग्रिम जमानत की शर्तों के उल्लंघन से संबंधित रिपोर्ट अदालत के सामने पेश की गई है।

FACTGIRI का निष्कर्ष

वायरल वीडियो में पुलिस और युवक के बीच विवाद होना सही है, लेकिन इसे पुलिस द्वारा बिना वजह किसी युवक को ‘किडनैप’ करने की कोशिश बताना भ्रामक है।

Verdict: भ्रामक

Hot this week

BJP ने इलाहाबाद बैंक बेच दिया? अखिलेश यादव के दावे की FactGiri पड़ताल

Factgiri Fact Check: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश...

Topics

BJP ने इलाहाबाद बैंक बेच दिया? अखिलेश यादव के दावे की FactGiri पड़ताल

Factgiri Fact Check: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img