Fact Check: उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत निषाद उर्फ पप्पू निषाद की गाड़ी पर पथराव और तोड़फोड़ की घटना सामने आई। इसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक बयानों में दावा किया गया कि सांसद पर हमला बीजेपी समर्थकों ने किया और यह घटना PDA यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज को निशाना बनाने की साजिश का हिस्सा थी।
लेकिन क्या वाकई हमलावर बीजेपी समर्थक थे? FactGiri की पड़ताल में यह दावा मौजूदा सबूतों के आधार पर भ्रामक निकला। उपलब्ध पुलिस बयान और प्रमुख समाचार रिपोर्टों में हमलावरों की पहचान विसर्जन जुलूस में शामिल स्थानीय श्रद्धालु/ग्रामीण थे।
क्या हुआ था?
घटना 18 सितंबर की रात बखिरा थाना क्षेत्र के अमरदोभा/लेडुआ महुआ चौराहे के पास हुई। गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान पुलिस ने तेज आवाज में बज रहे डीजे वाहन के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। रिपोर्टों के मुताबिक, डीजे को पुलिस थाने ले जाने की कार्रवाई से जुलूस में शामिल लोग नाराज हो गए और सड़क पर बैठकर विरोध करने लगे। इसी दौरान वहां से सपा सांसद पप्पू निषाद का काफिला गुजर रहा था। भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और पथराव किया, जिससे वाहन का शीशा टूट गया। पुलिस ने सांसद को मौके से सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस अधीक्षक संदीप मीणा के मुताबिक स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया था और डीजे ऑपरेटर समेत घटना में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के आधिकारिक बयान में किसी राजनीतिक दल को हमले से जोड़ने की बात सामने नहीं आई।
फिर BJP और PDA का दावा कहां से आया?
घटना के बाद सपा सांसद और पार्टी नेताओं ने इसे राजनीतिक रंग देते हुए आरोप लगाया कि हमला सत्ता समर्थित लोगों ने किया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पोस्ट में इसे PDA समाज को डराने की कोशिश बताया और बीजेपी पर आरोप लगाए।

मामले में एक दूसरा पक्ष भी सामने आया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर मुकदमे दर्ज किए हैं। एक शिकायत में सांसद और उनके समर्थकों पर वाहन से किसी को टक्कर लगने, मारपीट और गाली-गलौज जैसे आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की भी जांच जारी है।

निष्कर्ष
FactGiri की पड़ताल में “सांसद पप्पू निषाद पर BJP समर्थकों ने हमला किया” या “हमला PDA को निशाना बनाकर किया गया” वाला दावा भ्रामक पाया गया।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विवाद की शुरुआत डीजे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से नाराज गणेश विसर्जन जुलूस में शामिल लोगों के विरोध से हुई थी। सांसद का काफिला उसी दौरान वहां पहुंचा और उनकी गाड़ी पर पथराव हुआ। इसलिए घटना को सीधे बीजेपी समर्थकों का हमला या PDA के खिलाफ साजिश” बताकर शेयर करना मौजूदा प्रमाणों से साबित नहीं होता।




