Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो फिर से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस थाने के अंदर एक महिला पुलिसकर्मी फरियाद लेकर पहुंची महिला को लगातार थप्पड़ मारती दिखाई दे रही है। वीडियो को शेयर करते हुए इसे उत्तर प्रदेश में पुलिस की कार्रवाई से जोड़कर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ पोस्ट में इसे मौजूदा घटना के तौर पर भी पेश किया जा रहा है।
FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि वीडियो असली है, लेकिन यह हाल की घटना नहीं है। यह जुलाई 2026 में वाराणसी के चौबेपुर थाने में हुई घटना का वीडियो है। मामले में महिला SI को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया था।
FactGiri ने वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स इमेज सर्च के जरिए खोजा। सर्च में इसी वीडियो से संबंधित जुलाई 2026 की कई समाचार रिपोर्टें सामने आईं। इनमें नवभारत टाइम्स, टाइम्स ऑफ इंडिया और ABP Live की रिपोर्ट शामिल हैं।

नवभारत टाइम्स ने 17 जुलाई 2026 को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में बताया था कि वाराणसी के चौबेपुर थाने में फरियाद लेकर पहुंची महिला को महिला दरोगा ने थप्पड़ मारे थे। रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो गुरुवार शाम का था और इसके वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया था।
क्या था पूरा मामला?
रिपोर्टों के मुताबिक महिला की पहचान गीता देवी के रूप में हुई थी, जो चौबेपुर के परानापुर गांव की रहने वाली हैं। वह ग्राम समाज की आबादी की जमीन से जुड़े विवाद की शिकायत लेकर थाने पहुंची थीं। 16 जुलाई को दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था।
इसी दौरान महिला और पुलिसकर्मी के बीच बहस हुई। वायरल वीडियो में महिला सब-इंस्पेक्टर रोशनी सिंह को गीता देवी को थप्पड़ मारते देखा जा सकता है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो थाने में मौजूद किसी व्यक्ति ने बनाया था और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद क्या हुआ?
वीडियो सामने आने के बाद वाराणसी पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। DCP वरुणा ने SI रोशनी सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था और विभागीय जांच शुरू की गई थी। एसीपी विनय द्विवेदी ने भी बताया था कि प्राथमिक जांच के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई और आगे की जांच के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी। दैनिक भास्कर, Times of India और ABP Live ने भी इस घटना और महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ हुई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रकाशित की थी।

निष्कर्ष
FactGiri की पड़ताल में वायरल वीडियो को हाल ही का मौजूदा घटना बताना भ्रामक है। वायरल वीडियो जुलाई 2026 का है, इस मामले में वाराणसी पुलिस ने वीडियो वायरल होने के बाद तत्काल कार्रवाई कर महिला एसआई को सस्पेंड कर दिया था।




