Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें मुगलसराय की जामा मस्जिद में तोड़फोड़ दिखाई दे रही है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि मुगलसराय में जामा मस्जिद को ही तोड़ दिया गया। लेकिन FactGiri की पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पूरी मस्जिद को ध्वस्त नहीं किया गया था। सड़क चौड़ीकरण की जद में आए मस्जिद के बाहरी हिस्से और मीनार को हटाया गया था।
वायरल वीडियो कहां का है?
जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मुगलसराय यानी पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर का है। अप्रैल-मई 2026 में यहां सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी। Aaj Tak की 30 अप्रैल की रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क किनारे 50 से ज्यादा अतिक्रमण हटाए गए थे और जामा मस्जिद के सड़क की ओर वाले कुछ हिस्से भी कार्रवाई की जद में आए थे।
इसके बाद Lalluram ने 14 मई को रिपोर्ट किया कि जामा मस्जिद की ऊपरी हिस्से की ऊंची मीनार को कारीगरों की मदद से सावधानीपूर्वक हटाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई PWD की सड़क चौड़ीकरण योजना से जुड़ी थी और मौके पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

क्या पूरी मस्जिद गिरा दी गई थी?
नहीं, यही वायरल दावे की सबसे बड़ी गड़बड़ी है। DFRAC की पड़ताल में भी सामने आया कि वीडियो मुगलसराय की जामा मस्जिद का है, लेकिन इसे पूरी मस्जिद गिराए जाने के दावे के साथ शेयर करना भ्रामक है। रिपोर्ट के अनुसार, मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने प्रभावित हिस्से और मीनार को हटाया था।
The Sunday Guardian की फैक्ट-चेक रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क विस्तार के लिए प्रभावित हिस्सों को लेकर कार्रवाई हुई थी और मस्जिद कमेटी ने प्रशासनिक कार्रवाई में मुख्य ढांचे को संभावित नुकसान से बचाने के लिए तीन मीनारें खुद हटाने का फैसला किया था।

मीनार क्यों हटाई गईं?
मामला सड़क चौड़ीकरण से जुड़ा था। उपलब्ध रिपोर्टों में बताया गया है कि PWD की योजना में सड़क की ओर बढ़े हुए कुछ हिस्से प्रभावित हो रहे थे। मस्जिद कमेटी की ओर से भी यह कहा गया कि अगर मशीन से कार्रवाई होती तो मुख्य संरचना को नुकसान पहुंच सकता था। इसलिए प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया अपनाई गई।
FactGiri निष्कर्ष
दावा: मुगलसराय में जामा मस्जिद को तोड़ दिया गया।
FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो चंदौली के मुगलसराय का है, लेकिन इसमें पूरी जामा मस्जिद को गिराए जाने की घटना नहीं है। सड़क चौड़ीकरण की जद में आए प्रभावित बाहरी हिस्सों और मीनार को हटाया गया था।
Verdict: भ्रामक




