Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर गोरखपुर में एक दरोगा को सड़क पर जूते से पीटने का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में वकील की ड्रेस पहना एक युवक बाइक सवार वर्दीधारी व्यक्ति से बहस के बाद मारपीट करता दिखाई देता है। FactGiri की पड़ताल में यह वीडियो फर्जी निकला। पुलिस के मुताबिक, वीडियो में दिख रहा व्यक्ति असली पुलिसकर्मी नहीं है और वकील की ड्रेस में नजर आ रहा युवक भी अधिवक्ता नहीं है।
क्या है वायरल वीडियो का दावा?
करीब 2 मिनट 55 सेकेंड के वीडियो को गोरखपुर के शाहपुर इलाके का बताया जा रहा था। इसमें वकील की पोशाक में दिख रहा युवक वर्दी पहने बाइक सवार व्यक्ति को रोकता है। बातचीत के दौरान वह अपने पिता को थाने ले जाने का सवाल करता है और दोनों के बीच मारपीट शुरू हो जाती है।
वीडियो में युवक कथित दरोगा को जूते से पीटता और गाली देता दिखाई देता है। कुछ लोग बीच-बचाव करते हैं। इसी दौरान वीडियो में एक युवक सांसद को फोन कर पुलिसकर्मी का ट्रांसफर कराने की बात भी कहता है।

FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
वीडियो वायरल होने के बाद गोरखपुर पुलिस ने इसकी जांच कराई। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस जांच में सामने आया कि पूरा घटनाक्रम मनगढ़ंत था और सोशल मीडिया पर लाइक-व्यूज हासिल करने के लिए वीडियो बनाया गया था।

एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि वीडियो में दिख रहा वर्दीधारी व्यक्ति पुलिस विभाग का कर्मचारी नहीं है। वहीं वकील की ड्रेस में दिखाई दे रहा युवक भी वास्तविक अधिवक्ता नहीं है। पुलिस के अनुसार, वीडियो को इस तरह तैयार किया गया कि यह पुलिसकर्मी और अधिवक्ता के बीच वास्तविक विवाद जैसा लगे।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में भी पुलिस जांच के बाद वीडियो को फर्जी बताए जाने और दोनों युवकों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस ने मामले में शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
FactGiri निष्कर्ष: फर्जी
यानी गोरखपुर में असली दरोगा को वकील द्वारा जूते से पीटने का दावा गलत है। वीडियो में दिख रहा पूरा घटनाक्रम बनाया गया था।




