Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर यूपी पुलिस दरोगा भर्ती-2025 को लेकर एक पोस्ट वायरल है। इसमें दावा किया गया कि एक और भर्ती परीक्षा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई और इस सरकार में एक भी परीक्षा बिना धांधली के पूरी नहीं हुई। पोस्ट के साथ इंडिया टीवी की ब्रेकिंग न्यूज का स्क्रीनशॉट लगाया गया है, जिसमें यूपी में दरोगा भर्ती की नियुक्ति पर रोक की बात कही गई है। पड़ताल में सामने आया कि इसका धांधली या पेपर लीक से कोई लेना देना नहीं है, असल में भर्ती नियुक्ति पर आंसर की विवाद पर हाईकोर्ट की अंतरिम रोक है।
वायरल पोस्ट में क्या दावा किया गया?
1 अक्टूबर 2026 को @surya_samajwadi नाम के अकाउंट से शेयर पोस्ट में यूपी पुलिस भर्ती को लेकर भ्रष्टाचार और धांधली का आरोप लगाया गया। पोस्ट में हाईकोर्ट द्वारा नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक की खबर को आधार बनाया गया है।
हाईकोर्ट ने नियुक्ति पर क्यों लगाई रोक?
अमर उजाला और इंडिया टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस की दरोगा भर्ती-2025 में नियुक्ति पत्र जारी करने पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई है। मामला परीक्षा की उत्तर कुंजी में कुछ सवालों के बदले गए जवाबों से जुड़ा है।

अभ्यर्थियों की ओर से अदालत में आरोप लगाया गया कि प्रोविजनल आंसर की के बाद फाइनल आंसर की में कुछ उत्तर बदले गए और इन बदलावों पर आपत्ति दर्ज कराने की पर्याप्त प्रक्रिया नहीं मिली। इन्हीं सवालों की शुद्धता को याचिकाओं में चुनौती दी गई है।

क्या कोर्ट ने ‘भ्रष्टाचार’ या पेपर लीक माना?
यही इस वायरल दावे का सबसे अहम हिस्सा है। उपलब्ध अमर उजाला और लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्टों में कोर्ट के आदेश से जुड़ा विवाद उत्तर कुंजी की शुद्धता और बदले गए उत्तरों पर है। इन रिपोर्टों में इस मामले को पेपर लीक, परीक्षा के दौरान नकल या रिश्वत के प्रमाण के तौर पर पेश नहीं किया गया है।
निष्कर्ष
FactGiri की पड़ताल में वायरल पोस्ट भ्रामक निकली। यूपी दरोगा भर्ती-2025 में हाईकोर्ट ने नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगाई है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अदालत में विवाद आंसर की में बदले गए उत्तरों और उनकी शुद्धता को लेकर है। इसे सीधे पेपर लीक या भ्रष्टाचार साबित होने के तौर पर पेश करना भ्रामक है।




