Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के लभारी गांव का एक वीडियो वायरल है। इसमें कुछ महिलाएं आरोप लगाती दिख रही हैं कि ठाकुर समाज के दबंगों ने पुलिस और लेखपाल की मौजूदगी में उनके घर में आग लगा दी। पोस्ट में मामले को जातीय उत्पीड़न से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी टैग किया गया। FactGiri ने वायरल दावे की पड़ताल की तो पुलिस का आधिकारिक पक्ष इससे अलग मिला।
वायरल वीडियो में क्या कहा गया?
Abhimanyu Singh के X अकाउंट से शेयर वीडियो में महिलाएं आग की ओर इशारा करते हुए दबंगों पर घर जलाने का आरोप लगाती हैं। पोस्ट में दावा किया गया कि आरोपी ठाकुर समाज से हैं और पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में गरीब परिवार के घर को जला दिया गया।
पुलिस के मुताबिक मामला जमीन विवाद का
बदायूं पुलिस ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पूरे घटनाक्रम का स्पष्टीकरण जारी किया। पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को राजस्व विभाग और कादरचौक पुलिस टीम ने शिकायत पर जमीन की पैमाइश की थी।
इसके अगले दिन शिकायतकर्ता पक्ष ने जमीन पर नींव भरी, जिसे दूसरे पक्ष ने उखाड़ दिया। इसके बाद 1 अक्टूबर को राजस्व विभाग और पुलिस टीम मौके पर जांच के लिए पहुंची। पुलिस का आरोप है कि वहां दूसरे पक्ष के लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली।

आगजनी पर पुलिस का दावा क्या है?
पुलिस के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वीडियो में दिखाई दे रही महिला ने अपने परिजनों के साथ मिलकर अपनी जर्जर और खाली झोपड़ी में खुद आग लगाई। पुलिस ने इसे पेशबंदी में लगाए गए आरोप बताया है। इसी मामले में लेखपाल की तहरीर पर दूसरे पक्ष के 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक मामले की विवेचना अभी जारी है।
FactGiri का निष्कर्ष
वायरल वीडियो में ‘ठाकुर दबंगों ने पुलिस के सामने घर जला दिया’ का आरोप लगाया गया है, लेकिन बदायूं पुलिस ने इस दावे का स्पष्ट खंडन किया है। पुलिस के अनुसार आग महिला ने अपने परिजनों के साथ मिलकर खाली झोपड़ी में लगाई और बाद में आरोप लगाए गए। FactGiri की पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला।




