Factgiri Fact Check: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता में योगी सरकार पर किसानों के कर्ज और राहत को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बड़े उद्योगपतियों का कर्ज माफ हो सकता है तो किसानों को राहत क्यों नहीं मिल सकती। FactGiri ने इस दावे की पड़ताल की तो सामने आया कि योगी सरकार ने 2017 में सत्ता संभालने के बाद लघु और सीमांत किसानों के लिए फसल ऋण मोचन योजना लागू की थी। सरकार के मुताबिक इस योजना के तहत 36,359 करोड़ के ऋण मोचन का प्रावधान किया गया और लाखों किसानों को इसका लाभ मिला।
2017 में पहली कैबिनेट में लिया गया था फैसला
रिकॉर्ड बताते हैं कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने 4 अप्रैल 2017 को अपनी पहली कैबिनेट बैठक में लघु और सीमांत किसानों के फसली ऋण को माफ करने का फैसला किया था।
बाद में छूटे किसानों को भी मिला लाभ
2017 की ऋण मोचन योजना में पात्र होने के बावजूद तकनीकी और अन्य कारणों से छूट गए किसानों के मामलों पर भी बाद में कार्रवाई हुई। 2023 में 33,408 किसानों को योजना का लाभ देने के लिए करीब 190 करोड़ की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई। इसे अलग नई कर्जमाफी के बजाय 2017 की योजना के लंबित पात्र मामलों के निस्तारण के रूप में देखना ज्यादा सही है।
भारत सरकार के Press Information Bureau (PIB) के जुलाई 2018 के संसदीय रिकॉर्ड के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के ₹1 लाख तक के फसल ऋण के लिए ₹30,729 करोड़ की योजना घोषित की थी। इसके अलावा करीब सात लाख किसानों के NPA हो चुके ऋण के समाधान के लिए 5,630 करोड़ रखे गए। इस तरह कुल ऋण राहत राशि 36,359 करोड़ थी।

उत्तर प्रदेश सरकार के शुरुआती दस्तावेजों में इस फैसले से करीब 86 लाख किसानों को लाभ मिलने का उल्लेख है। वहीं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के 2025 के प्रकाशन के अपडेटेड रिकॉर्ड के अनुसार, ₹36,359 करोड़ से 94 लाख से अधिक किसानों का ऋण मोचन हुआ है।
2026 की सरकारी बुकलेट में क्या मिला?
2026 की सरकार की रिपोर्ट में भी किसान कल्याण के तहत 2017 में सरकार बनने के बाद किसानों की कर्जमाफी के फैसले का उल्लेख है। इसमें 86 लाख से अधिक लघु एवं सीमांत किसानों को लाभ मिलने की बात दर्ज है।

2017 से 2025 के बीच उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक का ऋण वितरण ₹9,190 करोड़ से बढ़कर ₹23,061 करोड़ बताया गया है। जिला सहकारी बैंकों के NPA में भी कमी का दावा किया गया है।

Factgiri निष्कर्ष
उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि योगी सरकार के दौरान किसानों की कोई कर्जमाफी नहीं हुई। 2017 में फसल ऋण मोचन योजना के तहत ₹36,359 करोड़ की ऋण राहत का फैसला हुआ था।
FactGiri Verdict: दावा भ्रामक है




