Factgiri Fact Check: उत्तर प्रदेश में 15,012 शिक्षक पदों पर नई भर्ती शुरू होने के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि योगी सरकार आठ साल बाद शिक्षक भर्ती लेकर आई है और भी सिर्फ 11 हजार पद दिए गए हैं। FactGiri की पड़ताल में यह दावा गलत मिला। रिकॉर्ड बताते हैं कि 2018 के बाद प्रदेश में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा भर्ती कैडर में कई चरणों में शिक्षक भर्तियां हुई हैं।
2018 और 2019 में हुई बड़ी प्राथमिक शिक्षक भर्तियां
बेसिक शिक्षा परिषद के रिकॉर्ड से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक 2018 में 68,500 सहायक अध्यापकों की भर्ती शुरू हुई थी। इसके बाद 2019 में 69,000 सहायक अध्यापक पदों की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी। 69 हजार भर्ती की परीक्षा जनवरी 2019 में हुई और बाद में नियुक्तियां भी की गईं। मौजूदा विवाद के बीच करीब 67,867 शिक्षक पहले से कार्यरत हैं।
जागरण की हालिया रिपोर्ट भी बताती है कि ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में 2019 की 69,000 पदों की भर्ती के बाद नई बड़ी भर्ती का इंतजार बना हुआ था। यानी प्राथमिक स्तर पर लंबे अंतराल की बात कही जा सकती है, लेकिन “2018 के बाद कोई शिक्षक भर्ती नहीं हुई” कहना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
माध्यमिक शिक्षा में 33,401 पदों पर चयन
मामला केवल प्राथमिक शिक्षा तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2017 से 2022 तक 33,401 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई। इनमें 27,297 TGT, 5,321 प्रवक्ता और 783 प्रधानाचार्य के पद शामिल हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया, दिप्रिंट और एबीपी लाइव ने भी इन आंकड़ों की रिपोर्ट की है।

अब 15,012 पदों पर नई भर्ती
सितंबर 2026 में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग यानी UPESSC ने कुल 15,012 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया है। इसमें 11,508 शहरी सहायक अध्यापक, 897 संबद्ध प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक और 2,607 PGT/प्रवक्ता पद शामिल हैं। सहायक अध्यापक पदों के लिए आवेदन 16 सितंबर और PGT के लिए 18 सितंबर से शुरू हुए।

FactGiri का निष्कर्ष
“योगी सरकार में 2018 के बाद कोई शिक्षक भर्ती नहीं हुई, कहना गलत है। 2018 में 68,500 और 2019 में 69,000 प्राथमिक शिक्षक भर्ती हुई। इसके अलावा 2017 से 2022 के बीच माध्यमिक शिक्षा में 33,401 पदों पर चयन हुआ। इसलिए 15,012 पदों की मौजूदा भर्ती को आठ साल बाद हुई पहली शिक्षक भर्ती बताने वाला दावा भ्रामक है।




