Factgiri Fact Check: समाजवादी पार्टी मीडिया सेल की एक सोशल मीडिया पोस्ट में उत्तर प्रदेश की मौजूदा Dial 112 सेवा पर सवाल उठाते हुए दावा किया गया है कि अखिलेश यादव सरकार के समय Dial 100 के जरिए पुलिस महज पांच मिनट में मौके पर पहुंचती थी, जबकि अब पुलिस पहुंचती ही नहीं। पोस्ट में GPS, आधुनिक वाहन और त्वरित पुलिस रिस्पांस का भी जिक्र किया गया है। FactGiri की पड़ताल में यह दावा भ्रामक मिला।
क्या था अखिलेश सरकार का Dial 100?
उत्तर प्रदेश में UP-100 की शुरुआत 19 नवंबर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने की थी। लॉन्च के समय सरकार ने शहरी इलाकों में पुलिस के 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 मिनट में पहुंचने का लक्ष्य रखा था। परियोजना में 3,200 चार पहिया PRV और बाद में 1,800 मोटरसाइकिल शामिल करने की योजना थी। वाहनों में GPS और मोबाइल डेटा सिस्टम जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया था।
यानी वायरल पोस्ट में बताया गया “तब पांच मिनट” वाला आंकड़ा लॉन्च के समय तय आधिकारिक रिस्पांस लक्ष्य से मेल नहीं खाता।
Dial 100 से Dial 112 तक क्या बदला?
समय के साथ यही इमरजेंसी रिस्पांस व्यवस्था UP-112 के रूप में आगे बढ़ी। इसमें केंद्रीकृत कॉल सेंटर, GPS आधारित PRV, डिजिटल मॉनिटरिंग और रियल टाइम डिस्पैच जैसी व्यवस्थाओं को विस्तार मिला। उत्तर प्रदेश पुलिस की मौजूदा वेबसाइट भी आपातकालीन पुलिस सेवा के लिए 112 नंबर बताती है।
उपलब्ध आंकड़ों को उद्धृत करने वाली रिपोर्टों के अनुसार, UP-112 का औसत रिस्पांस टाइम 2016 में 1 घंटा 5 मिनट से घटकर 2025 में 6 मिनट 41 सेकंड रह गया। यानी करीब 58 मिनट 19 सेकंड का सुधार दर्ज किया गया।

3.10 करोड़ से ज्यादा कॉल अटेंड
Times of India और अन्य रिपोर्टों में सरकारी आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि UP-112 ने नौ वर्षों में 3.10 करोड़ से अधिक इमरजेंसी कॉल अटेंड की हैं। 28 मई 2021 से शुरू साइबर हेल्पलाइन डेस्क पर 7,52,422 शिकायतें और अलर्ट मिलने की जानकारी भी दी गई है।

महिला सुरक्षा के दावे पर भी पड़ताल
महिला सुरक्षा के लिए यूपी में Mission Shakti Centres, Women Power Line 1090, महिला हेल्पलाइन 181, Anti-Romeo Squads और महिला बीट जैसी व्यवस्थाएं संचालित हैं। मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना के बाद DGP की समीक्षा में 16 जून-15 सितंबर 2025 की तुलना 16 सितंबर-15 दिसंबर 2025 से की गई। इसमें रेप मामलों में 33.92%, महिलाओं-बच्चियों के अपहरण में 17.03%, दहेज हत्या में 12.96% और घरेलू हिंसा में 9.54% की कमी दर्ज होने की जानकारी सामने आई।

FactGiri Verdict
अखिलेश के समय Dial 100 पांच मिनट में पहुंचती थी और अब Dial 112 में पुलिस पहुंचती ही नहीं – यह दावा भ्रामक है।
Dial UP-100 की अखिलेश सरकार में समय घोषित रिस्पांस लक्ष्य 15 मिनट शहरी और 20 मिनट ग्रामीण था। दूसरी ओर, उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा UP-112 का औसत रिस्पांस टाइम 6 मिनट 41 सेकंड तक पहुंच चुका है।
FactGiri Verdict: भ्रामक




