Factgiri Fact Check: गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से राजधानी के फैजुल्लागंज, बक्शी का तालाब और आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई। घरों और सड़कों में पानी घुसा और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। इसी बीच सोशल मीडिया पर बाढ़ को लेकर राजनीतिक दावे भी वायरल होने लगे, कि कोई भी नेता पीड़ितों को झांकने तक नहीं आया, पर फैक्टगीरी की पड़ताल में दावा गलत और भ्रामक निकला, खुद सीएम और डीप्टी सीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया था।
वायरल पोस्ट में क्या दावा किया गया?
X पर Narendra Pratap (@hindipatrakar) ने 5 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 6:34 बजे एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि उत्तरी लखनऊ के बड़ी संख्या में मकान पानी में डूब गए हैं और लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं। पोस्ट में आगे कहा गया कि “लखनऊ के नेता, विधायक और सांसद इन इलाकों में झांकने तक नहीं पहुंचे” और लखनऊ के सांसद व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक ट्वीट तक नहीं किया। बाद में पोस्ट को डिलीट कर दिया गया।

FactGiri की पड़ताल में बाढ़ और लोगों के प्रभावित होने की बात सही मिली, लेकिन नेताओं और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने वाला संदेश उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता।
पोस्ट से पहले ही मैदान में था प्रशासन
यहां टाइमलाइन महत्वपूर्ण है। अमर उजाला ने 4 अक्टूबर को ही रिपोर्ट किया था कि लखनऊ के DM विशाख जी नाव से फैजुल्लागंज पहुंचे, बाढ़ प्रभावित परिवारों से मिले और राहत किट बांटी। यानी 5 अक्टूबर की वायरल पोस्ट से पहले ही जिला प्रशासन मौके पर मौजूद था।

उसी दिन CM योगी पहुंचे बाढ़ पीड़ितों के बीच
5 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया और BKT में जमीनी निरीक्षण कर पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने राहत सामग्री बांटी और स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्थाएं भी देखीं। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी उनके साथ मौजूद रहे। ब्रजेश पाठक लखनऊ कैंट विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी हैं।
दैनिक जागरण, लाइव हिन्दुस्तान, Hindustan Times और The Statesman के मुताबिक मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती किनारे सर्वे कर तटबंध की योजना तैयार करने का निर्देश भी दिया।

राजनाथ सिंह ने DM से फोन पर की बात
वायरल पोस्ट में राजनाथ सिंह को लेकर भी सवाल उठाया गया। ABP News की 5 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह ने बाढ़ की स्थिति का संज्ञान लेते हुए DM से फोन पर बात की और राहत-बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने तथा प्रभावित लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

FactGiri का निष्कर्ष
लखनऊ में बाढ़ और लोगों के प्रभावित होने का दावा सही है। लेकिन “नेता, विधायक, सांसद झांकने तक नहीं पहुंचे” वाला व्यापक दावा उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर गलत/भ्रामक है।




