FactGiri Fact Check : उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक युवती के बेहद कमजोर हालत में मिलने का मामला चर्चा में है। सोशल मीडिया और समाचार रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि पिता ने बेटी को महीनों तक घर में कैद रखा, खाना-पानी नहीं दिया और उसके साथ दुर्व्यवहार किया। युवती के नाबालिग भाई की ओर से यौन शोषण का गंभीर आरोप भी सामने आया है। FactGiri ने उपलब्ध मीडिया और पुलिस रिपोर्ट की जांच की तो, सामने आया कि भदोही पुलिस और एसडीएम ने भ्रामक खबरों का खंडन किया है।
मीडिया रिपोर्टों में क्या दावा किया गया?
7 अक्टूबर को प्रकाशित दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, ज्ञानपुर क्षेत्र में एक युवती घर की छत पर बेहद कमजोर हालत में मिली। पड़ोसियों को जानकारी मिलने के बाद पुलिस की मदद से उसे बाहर निकाला गया और महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के हवाले से आरोप लगाया गया कि युवती कई महीनों से घर से बाहर नहीं निकली थी और उसे पर्याप्त भोजन तथा इलाज नहीं मिला। दैनिक भास्कर और अन्य मीडिया संस्थानों में भी पिता पर कैद रखने और प्रताड़ना के आरोप सामने आए। युवती के भाई की ओर से लगाए गए यौन शोषण के आरोप भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए।
पुलिस और SDM ने क्या बताया?
6 अक्टूबर को भदोही पुलिस के आधिकारिक X हैंडल @bhadohipolice से जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, युवती की उम्र 17 वर्ष है। पुलिस का कहना है कि वह कुछ समय से बीमार थी और परिवार की ओर से समुचित इलाज नहीं कराए जाने के कारण उसका शरीर काफी कमजोर हो गया।
SDM ज्ञानपुर अरुण दीक्षित ने भी युवती के बीमार होने और उचित उपचार न मिलने की बात कही। प्रशासन ने मामले में भ्रामक सूचनाएं फैलाए जाने का खंडन किया और ऐसी खबरें प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।
अस्पताल की जानकारी क्या कहती है?
NDTV की रिपोर्ट में जिला अस्पताल के चिकित्सक के हवाले से युवती की हालत गंभीर बताई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट की मात्रा कम तथा संक्रमण की समस्या सामने आई।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
हिन्दुस्तान की 8 अक्टूबर की रिपोर्ट भी युवती के अस्पताल पहुंचने, पिता पर लगे आरोपों और SDM के स्पष्टीकरण का उल्लेख करती है। उपलब्ध तथ्यों से स्पष्ट है कि युवती गंभीर रूप से अस्वस्थ मिली और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन महीनों तक कैद रखने, जानबूझकर भूखा रखने और यौन शोषण के आरोपों का पुलिस और प्रशासन ने खंडन किया है।
FactGiri निष्कर्ष: युवती की खराब स्वास्थ्य स्थिति और अस्पताल में इलाज की बात पुष्ट है। पुलिस ने बीमारी तथा उचित इलाज के अभाव को वजह बताया है, प्रशासन ने मामले में भ्रामक सूचनाएं फैलाए जाने का खंडन किया और ऐसी खबरें प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।




