Factgiri Fact Check: उत्तर प्रदेश के कन्नौज में लाठी-डंडे लिए कुछ युवकों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। समाजवादी पार्टी मीडिया सेल के अकाउंट से वीडियो शेयर कर दावा किया गया कि मिलावटी सरसों तेल की पैकिंग की शिकायत पर जांच करने पहुंची खाद्य विभाग की टीम के सामने दो दुकानदार भिड़ गए। पोस्ट में घटना को भाजपा से भी जोड़ा गया। FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि कन्नौज पुलिस ने विवाद की वजह दुकान के कब्जे को बताया है। पुलिस के बयान में मारपीट और राजनीतिक संबंध के आरोपों की पुष्टि नहीं होती।
वायरल पोस्ट में क्या दावा किया गया?
समाजवादी पार्टी मीडिया सेल की पोस्ट में कहा गया कि कन्नौज में तेल कारखाने में मिलावट की शिकायत पर खाद्य विभाग की टीम जांच करने पहुंची थी। इसी दौरान दो दुकानदार लाठी-डंडे लेकर आपस में भिड़ गए। वीडियो के साथ मिलावटी खाद्य सामग्री के कारोबार को भाजपा से जोड़ने का आरोप भी लगाया गया। हालांकि, पोस्ट में किसी आरोपी की राजनीतिक संबद्धता का दस्तावेजी प्रमाण नहीं दिया गया।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
इस मामले में कन्नौज पुलिस के उपलब्ध स्पष्टीकरण के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच दुकान के कब्जे को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, 9 अक्टूबर 2026 को खाद्य विभाग की टीम सैंपल लेकर मौके से चली गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मौके पर मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई थी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई।
क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?
कन्नौज पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच विवाद की वजह दुकान के कब्जे को लेकर पुराना मामला था। खाद्य विभाग की टीम द्वारा सैंपल लिए जाने के बाद कहासुनी हुई थी। पुलिस ने मौके पर मारपीट होने के दावे को खारिज किया है।
वहीं, उपलब्ध पुलिस बयान से यह पुष्टि नहीं होती कि विवाद मिलावटी सरसों के तेल की पैकिंग को लेकर हुआ था या इसमें किसी राजनीतिक दल के लोगों की संलिप्तता थी। इसलिए वायरल पोस्ट में लगाए गए राजनीतिक आरोप गलत है।

Factgiri का निष्कर्ष
कन्नौज पुलिस के आधिकारिक बयान के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच दुकान के कब्जे को लेकर पुराना विवाद था और खाद्य विभाग की टीम के सैंपल लेकर जाने के बाद कहासुनी हुई थी। पुलिस ने मौके पर मारपीट होने से इनकार किया है। ऐसे में वायरल पोस्ट में घटना को मिलावटी तेल की जांच के दौरान हुई मारपीट और भाजपा से जोड़कर पेश करने वाले दावे की उपलब्ध जानकारी से पुष्टि नहीं होती।
Factgiri Verdict : दावा/भ्रामक




