Factgiri Fact Check: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली में एक प्रदर्शनकारी से मारपीट का वीडियो शेयर करते हुए भाजपा से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने वीडियो में पिट रहे प्रदर्शनकारी को ‘बच्ची’ बताया। FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि मारपीट की घटना वास्तविक है, जबकि दिल्ली पुलिस ने पीड़ित की पहचान पुरुष प्रदर्शनकारी के रूप में की है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है।
अखिलेश यादव ने क्या दावा किया?
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा कर एक ‘आंदोलनकारी बच्ची’ पर हमला किए जाने की बात कही। उन्होंने हमलावरों की AI से पहचान करने की मांग की और भाजपा से जुड़े लोगों तथा सादी वर्दी में मौजूद व्यक्तियों की भूमिका पर सवाल उठाए।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
इंडिया टुडे की 11 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, घटना 10 अक्टूबर को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई थी। रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के आधिकारिक बयान का उल्लेख है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में जिस प्रदर्शनकारी से मारपीट हुई, वह पुरुष है। कमला मार्केट थाने की पुलिस ने वीडियो का स्वतः संज्ञान लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अखिलेश यादव के ही पोस्ट की पड़ताल करने पर हमें रिप्लाई में उसी लड़के का वी़डियो मिला, जिसे बच्ची बातकर वायरल किया जा रहा था। पोस्ट में एक रिपोर्टर उसी लड़के का इंटरव्यू ले रहा है।

पुलिस ने किन आरोपियों को गिरफ्तार किया?
इंडियन एक्सप्रेस और इंडिया टुडे की रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान रमन सैनी, विवेकानंद उर्फ विवेक, कपिल कुमार और रविंदर सिंह उर्फ गोविंद हिंदू के रूप में सामने आई।
रिपोर्टों में आरोपियों का संबंध हिंदू रक्षा दल से बताया गया है। हालांकि, उपलब्ध पुलिस जानकारी से यह साबित नहीं होता कि चारों भाजपा के पदाधिकारी थे या किसी सरकार के निर्देश पर हमला करने पहुंचे थे।
क्या पुलिस ने कार्रवाई नहीं की?
इंडिया टुडे के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने वीडियो का स्वतः संज्ञान लिया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसलिए बाद में कोई पुलिस कार्रवाई नहीं होने का दावा उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता
FactGiri Verdict: भ्रामक
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों से मारपीट की घटना सही है और चार लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है। लेकिन अखिलेश यादव ने जिस पीड़ित को ‘बच्ची’ बताया, उसे दिल्ली पुलिस ने पुरुष प्रदर्शनकारी बताया है।




