Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की तस्वीर वाला एक ग्राफिक वायरल हो रहा है। इसमें उनके हवाले से दावा किया गया है कि नरेंद्र मोदी ‘वोट चोरी से चुने गए पहले प्रधानमंत्री’ हैं। पोस्ट के साथ ‘एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी’ कैप्शन भी लिखा गया है। लेकिन FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि नितिन नवीन का वास्तविक बयान इससे बिल्कुल अलग था। उन्होंने ‘वोट चोरी’ नहीं, बल्कि ‘सीधे जनादेश’ से प्रधानमंत्री बनने की बात कही थी।
वायरल ग्राफिक में क्या दावा है?
सोशल मीडिया पर प्रसारित ग्राफिक में नितिन नवीन की तस्वीर के साथ लिखा है, ‘नरेंद्र मोदी सीधे वोट चोरी से चुने गए पहले प्रधानमंत्री हैं। ग्राफिक में इस कथन को भाजपा अध्यक्ष का बयान बताकर पेश किया गया है।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
वायरल कथन की जांच के लिए संबंधित शब्दों और नितिन नवीन के 7 अक्टूबर 2026 के बयान से जुड़ी समाचार रिपोर्टों को देखा गया। पंजाब केसरी की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट का शीर्षक है, ‘मोदी सीधे जनादेश से चुने गए पहले प्रधानमंत्री हैं: नितिन नवीन।’ इस रिपोर्ट में कहीं भी नितिन नवीन द्वारा नरेंद्र मोदी को ‘वोट चोरी से चुने गए प्रधानमंत्री’ कहने का उल्लेख नहीं है।

इंडिया टुडे की 7 अक्टूबर की रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि करती है कि नितिन नवीन ने 2014 के लोकसभा चुनाव को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के सीधे जनादेश से जोड़कर प्रस्तुत किया था।

इसके बाद कन्फर्मेशन के लिए गूगल रिवर्स पर ग्राफिक इमेज को अपलोड किया गया और कीवर्ड्स से भी मैच कर इस बयान को सर्च किया गया। पर ऐसे किसी बयान की पुष्टि नहीं हुई। समाचार रिपोर्टों में नितिन नवीन का बयान ‘सीधे जनादेश’ से संबंधित है, जबकि वायरल ग्राफिक में उसकी जगह ‘वोट चोरी’ लिखा गया है।
Factgiri निष्कर्ष: फर्जी बयान
नितिन नवीन ने नरेंद्र मोदी को ‘वोट चोरी से चुने गए पहले प्रधानमंत्री’ नहीं कहा था। 7 अक्टूबर 2026 के उनके वास्तविक बयान में ‘सीधे जनादेश’ का उल्लेख था। इसलिए वायरल ग्राफिक में नितिन नवीन के नाम से प्रस्तुत कथन गलत है और उनके वास्तविक बयान का अर्थ बदलकर पेश करता है। यह एक क्लासिक मिसइंफॉर्मेशन / कोट मॉर्फिंग है।
FACTGIRI VERDICT : FAKE




