Factgiri Fact Check: गाजियाबाद के साहिबाबाद में 12 अक्टूबर को निर्माणाधीन इमारत का लेंटर गिरने की घटना के बीच समाजवादी पार्टी नेता आईपी सिंह के नाम से मुरादनगर श्मशान घाट और वाराणसी फ्लाईओवर हादसों को लेकर एक पोस्ट सामने आया है। पोस्ट में मुरादनगर में 9 और वाराणसी में 31 मौतों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि जिम्मेदार लोगों को कोई सजा नहीं मिली। FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि दोनों मामलों में अधिकारियों और ठेकेदारों की गिरफ्तारी भी हुई थी।
साहिबाबाद में 12 अक्टूबर को क्या हुआ?
गाजियाबाद के शहीद नगर इलाके में निर्माणाधीन गोदाम का लेंटर गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। आजतक, अमर उजाला और दैनिक भास्कर की रिपोर्टों के मुताबिक, यह निर्माण निजी भूखंड पर कराया जा रहा था।
राहत-बचाव अभियान में दबे लोगों को बाहर निकाला गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, घटना में किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई। निर्माण कार्य में लापरवाही के आरोपों पर मालिक और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
मुरादनगर श्मशान घाट हादसे में क्या हुआ था?
3 जनवरी 2021 को गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित उखलारसी श्मशान घाट में बारिश के दौरान नवनिर्मित छत गिर गई थी। इंडिया टुडे और एनडीटीवी की रिपोर्टों के अनुसार, इस हादसे में कुल 25 लोगों की मौत हुई थी।अक्टूबर 2026 तक इस घटना को करीब पांच साल नौ महीने हो चुके हैं, न कि तीन साल।
मुरादनगर में किन लोगों पर कार्रवाई हुई?
पुलिस ने नगरपालिका की तत्कालीन अधिशासी अधिकारी निहारिका सिंह, जूनियर इंजीनियर चंद्रपाल और सुपरवाइजर आशीष को गिरफ्तार किया था। इसके बाद ठेकेदार अजय त्यागी की भी गिरफ्तारी हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ठेकेदार की फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

वाराणसी फ्लाईओवर हादसे की सच्चाई
15 मई 2018 को वाराणसी कैंट स्टेशन के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर की बीम गिरने से कई वाहन मलबे में दब गए थे। समाचार रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 15 से 19 के बीच बताई गई।
28 जुलाई 2018 को उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें उत्तर प्रदेश सेतु निगम के सात इंजीनियर और ठेकेदार साहेब हुसैन शामिल थे। केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान, रुड़की की तकनीकी जांच से मिले साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी। फैक्ट-चेक वेबसाइट Alt News ने भी अपनी पूर्व पड़ताल में वाराणसी फ्लाईओवर हादसे के ठेकेदार की गिरफ्तारी नहीं होने के दावे को गलत बताया था।

FactGiri की पड़ताल का निष्कर्ष
दोनों हादसों में एफआईआर दर्ज हुई और संबंधित अधिकारियों तथा ठेकेदारों की गिरफ्तारियां हुई थीं। इसलिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है।
FACTGIRI VERDICT: कोई कार्रवाई नहीं होने का दावा भी गलत




