Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अमेठी के गौरीगंज में समाजवादी पार्टी (सपा) के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह और दो अन्य विधायकों के भाजपा (BJP) में शामिल होने के कार्यक्रम में “ज्यादा से ज्यादा बच्चे शामिल हो सकें, इसलिए अमेठी के BSA संजय तिवारी ने 15 स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया।” इस दावे के साथ दैनिक भास्कर की एक डिजिटल न्यूज का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल दावा?
X पर @badripal नाम के यूजर ने अपने पोस्ट में दैनिक भास्कर के न्यूज की स्क्रीनशॉट शेयर कर ये दावा कि- सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह के साथ दो और विधायक आज बीजेपी शामिल होंगे जिससे ज्यादा से ज्यादा बच्चे उस कार्यक्रम में शामिल हो सके इस लिए BSA संजय तिवारी ने 15 स्कूल को बंद बंद रखने का आदेश दिया है।
पड़ताल में क्या सामने आया?
4 अक्टूबर 2026 को अमेठी के गौरीगंज में भाजपा का एक बहुत बड़ा नागरिक/सदस्यता कार्यक्रम आयोजित था। इसमें हजारों लोगों की भीड़ और सैकड़ों वीआईपी गाड़ियों के आने की संभावना थी। गौरीगंज शहर और उसके आसपास के रास्तों पर भारी ट्रैफिक और रूट डायवर्जन लागू किया गया था। कक्षा 1 से 8 तक के छोटे बच्चों को स्कूल बसों या वैन से आने-जाने में भारी ट्रैफिक जाम और सुरक्षा संबंधी दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसलिए प्रशासन की अनुमति से एहतियातन केवल 15 स्कूलों में एक दिन की छुट्टी घोषित की गई थी।

क्या आदेश में बच्चों को बुलाने की बात है?
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) संजय तिवारी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश में स्पष्ट रूप से ‘सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था/यातायात व्यवस्था’ का हवाला दिया गया है। आदेश में कहीं भी बच्चों को राजनीतिक रैली या कार्यक्रम में हिस्सा लेने या उन्हें वहाँ आमंत्रित करने का कोई ज़िक्र नहीं है।
वायरल हो रहा दैनिक भास्कर का स्क्रीनशॉट बिल्कुल असली (Genuine) है, जिसे पत्रकार अखिलेश कुमार सोनी ने लिखा है। लेकिन उस खबर की हेडलाइन में भी साफ़ लिखा है कि स्कूल “सदस्यता कार्यक्रम और विधायकों के शामिल होने के कारण” बंद हैं, न कि बच्चों को कार्यक्रम में बुलाने के लिए। सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस खबर के संदर्भ को गलत तरीके से पेश किया है।
FACTGIRI का निष्कर्ष
अमेठी में स्कूल बंद करने का फैसला पूरी तरह से प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों (ट्रैफिक जाम से बच्चों को बचाने) से लिया गया था। सोशल मीडिया पर इस खबर को मरोड़कर (Twist करके) पेश किया जा रहा है। यह दावा कि बच्चों को रैली में भीड़ बढ़ाने के लिए बुलाया गया था, भ्रामक/Misleading है।
FACTGIRI VERDICT – MISLEADING/ भ्रामक




