Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर से सोना गायब होने का दावा तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल पोस्ट में अधिवक्ता नित्यानंद राय की शिकायत का हवाला देते हुए कहा जा रहा है कि मंदिर के शिखर से सोने के कई कलश गायब हैं और हर दूसरे दिन सोना नोचने की घटनाएं हो रही हैं। हालांकि FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि मंदिर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त जरूर हुआ था, मगर उसे गायब बताने के आरोप को मंदिर प्रशासन और वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने खारिज किया है। प्रशासन के अनुसार, क्षतिग्रस्त हिस्सा मंदिर के लॉकर में सुरक्षित है।
क्या है सोना गायब होने का दावा?
13 अक्टूबर को दैनिक समाचार पत्र हिंदुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक, वाराणसी के अधिवक्ता नित्यानंद राय ने मंदिर के शिखर से सोना गायब होने की शिकायत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय में की थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि मंदिर के उत्तरी द्वार के ऊपर कुछ स्थानों पर सोने की परत दिखाई नहीं दे रही है। इसके बाद सोना चोरी होने संबंधी खबरें सोशल मीडिया पर फैलने लगीं।
काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर से सोना गायब होने के आरोप ने हलचल मचा दी है। अधिवक्ता नित्यानंद राय ने शिकायत कर दावा किया कि मंदिर के शिखर से सोने के कई कलश गायब हैं और हर दूसरे दिन सोना नोचने की घटना हो रही है। शिकायत के बाद PMO ने संज्ञान लिया है और मामले में इंटरनल जांच शुरू हुई। शिकायतकर्ता ने मंदिर की वेबसाइट पर इससे जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की है। वहीं, IIT मद्रास की सर्वे रिपोर्ट आने के बाद मरम्मत किए जाने की बात कही गई है। #KashiVishwanath #Varanasi #PMO #UttarPradesh #KashiVishwanathTemple #BreakingNews @PMOIndia @CMOfficeUP
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) October 14, 2026
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
14 अक्टूबर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया। मंदिर प्रशासन के अनुसार, अप्रैल 2026 में मुख्य मंदिर के गर्भगृह के ऊपर वायव्य कोण में स्थित शिखर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। उसे सुरक्षित रख लिया गया है। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सत्यम मिश्र ने स्पष्ट किया कि संबंधित हिस्सा मंदिर के लॉकर में सुरक्षित है। प्रशासन ने सोना गायब होने की खबरों को निराधार और भ्रामक बताया।
मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने क्या कहा?
वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने भी वायरल खबरों का खंडन किया। मंडलायुक्त ने बताया कि कुछ महीने पहले ओलावृष्टि के दौरान मंदिर के प्रवेश द्वार के ऊपर गुंबद या कलश का एक हिस्सा गिर गया था। उसे मंदिर प्रशासन ने सुरक्षित अभिरक्षा में रखा है। मंडलायुक्त के अनुसार, मंदिर की संरचनात्मक मजबूती की जांच का जिम्मा आईआईटी मद्रास को सौंपा गया है और इसके लिए भुगतान भी किया जा चुका है। तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत की जाएगी।
IIT मद्रास की जांच में क्या सामने आया?
मंदिर न्यास के अनुसार, आईआईटी मद्रास की विशेषज्ञ टीम पहले ही मंदिर का निरीक्षण कर चुकी है। जुलाई 2026 की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्राकृतिक पत्थर और लकड़ी पर पर्यावरणीय प्रभाव से होने वाले क्षरण का उल्लेख किया गया था। संरक्षण कार्य से पहले विस्तृत तकनीकी परीक्षण की सलाह दी गई है।
Factgiri का निष्कर्ष
उपलब्ध जानकारी और मंडलायुक्त और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के स्पष्टिकरण से साफ होता है कि मंदिर के शिखर से सोने के कई कलश गायब होने तथा हर दूसरे दिन सोना नोचने के दावे भ्रामक है। प्रशासन ने सोना गायब होने की खबर को गलत बताया है और गिरा हुआ हिस्सा सुरक्षित होने की जानकारी दी है।
FACTGIRI Verdict : भ्रामक




