Factgiri Fact Check: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में मस्जिद से तेज आवाज में अजान देने पर मुअज्जिन की गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल है। इसमें दावा किया गया कि डीएम जसजीत कौर और एसपी कृष्ण कुमार ने अजान सुनने के बाद मौलवी को गिरफ्तार कराया। FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि गिरफ्तारी और लाउडस्पीकर जब्त करने की घटना सही है, लेकिन वायरल पोस्ट में जिलाधिकारी का नाम गलत है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की वजह अजान देना मात्र नहीं, बल्कि लाउडस्पीकर की अनुमति और ध्वनि सीमा से जुड़े नियमों का कथित उल्लंघन था।
क्या है वायरल पोस्ट में दावा?
Muslim IT Cell नाम के सोशल मीडिया अकाउंट ने पोस्ट में इस घटना को धार्मिक प्रार्थना के कारण गिरफ्तारी के तौर पर पेश किया है। पोस्ट के मुताबिक, मोहम्मद फैजान नाम के मौलवी को गिरफ्तार किया गया, लाउडस्पीकर जब्त हुआ और पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
10 अक्टूबर 2026 को बिजनौर के नजीबाबाद स्थित नजीबुद्दौला मस्जिद में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की थी। हिन्दुस्तान टाइम्स और आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, मस्जिद में निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर बजाने और अनुमति नहीं होने के आरोप सामने आए हैं।

पुलिस उपनिरीक्षक सौरभ सिंह की शिकायत पर मोहम्मद फैजान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। मौके से लाउडस्पीकर, एम्पलीफायर और माइक जब्त किए गए। गिरफ्तारी के बाद फैजान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई। आजतक के मुताबिक, गलत रिपोर्ट देने के आरोप में बीट सिपाही ललित कुमार को निलंबित किया गया।
वायरल पोस्ट में डीएम का नाम गलत
अमर उजाला और दैनिक जागरण की 21–22 सितंबर 2026 की रिपोर्टों से पुष्टि होती है कि जसजीत कौर का बिजनौर से तबादला हो चुका था। उनकी जगह उमेश प्रताप सिंह को जिलाधिकारी नियुक्त किया गया था। इसलिए अक्टूबर की कार्रवाई को तत्कालीन डीएम जसजीत कौर के नाम से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
क्या कार्रवाई केवल मस्जिदों पर हुई?
बिजनौर में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ पहले भी अभियान चलाया गया था। हिन्दुस्तान की 6 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में 2,509 लाउडस्पीकर हटाए गए थे। इनमें मस्जिदों से 1,323, मंदिरों से 1,116 और गुरुद्वारों से 70 लाउडस्पीकर शामिल थे। ये आंकड़े बताते हैं कि प्रशासन ने अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर ध्वनि नियंत्रण संबंधी कार्रवाई की थी।

Factgiri का निष्कर्ष – भ्रामक
बिजनौर में मोहम्मद फैजान की गिरफ्तारी और मस्जिद से लाउडस्पीकर जब्त किए जाने की घटना सही है। पुलिस ने कार्रवाई का आधार लाउडस्पीकर संबंधी नियमों का कथित उल्लंघन बताया है, न कि केवल अजान पढ़ना। वायरल पोस्ट में सही घटना के साथ गलत अधिकारी का नाम और अधूरा संदर्भ प्रस्तुत किया गया है।




