Factgiri Fact Check: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निवेश के नाम पर “झूठा प्रचार” करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि प्रदेश में वास्तविक निवेश नहीं हुआ, MSME इकाइयां बर्बाद हो रही हैं और सरकार सिर्फ कागजों पर निवेश दिखा रही है। FactGiri ने इस दावे को सरकारी आंकड़ों और स्वतंत्र रिपोर्टों के आधार पर जांचा, जिसमें अखिलेश यादव के दावे से उलट वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 10 से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स जमीनी स्तर पर उतर चुके हैं या चल रहे हैं।

क्या यूपी में सिर्फ MoU हुए या काम भी शुरू हुआ?
यहां सबसे पहले निवेश प्रस्ताव और जमीन पर शुरू हुए प्रोजेक्ट के बीच अंतर समझना जरूरी है। 2018 और 2023 के इन्वेस्टर्स समिट समेत 2017 के बाद यूपी में करीब ₹37.78 लाख करोड़ के निवेश MoU हुए। इनमें से करीब ₹12.10 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स की Ground Breaking Ceremony हो चुकी थी। ThePrint की नवंबर 2025 की पड़ताल के मुताबिक, इन परियोजनाओं में काम शुरू हो चुका था या वे अलग-अलग निर्माण चरणों में थीं।
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सिर्फ असेंबली?
Invest UP के मुताबिक राज्य भारत के मोबाइल उत्पादन का करीब 40 फीसदी हिस्सा करता है और देश की मोबाइल कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का करीब 55 फीसदी हिस्सा यूपी में है। राज्य में Samsung, OPPO और Vivo जैसी बड़ी कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग मौजूद है।

MSME के दावे पर क्या मिला?
MSME बर्बाद हो गईं” वाला दावा भी उपलब्ध सरकारी आंकड़ों से पुष्ट नहीं होता। Invest UP के अनुसार यूपी में करीब 96 लाख MSME हैं, जो देश के कुल MSME आधार का लगभग 14.2 फीसदी हैं।

जमीन पर दिख रहे नए निवेश भी
निवेश की तस्वीर सिर्फ पुराने आंकड़ों तक सीमित नहीं है। सितंबर 2026 में Crown Packaging ने उन्नाव में ₹2,078 करोड़ के निवेश से अपने पहले भारतीय प्लांट का निर्माण शुरू किया, जिसे Invest UP ने दर्ज किया है।
इसी तरह जनवरी 2026 में Hinduja Group की Ashok Leyland ने लखनऊ में अपना नया ग्रीनफील्ड प्लांट शुरू किया। कंपनी के मुताबिक यह करीब 70 एकड़ में बना है और इलेक्ट्रिक व अन्य क्लीन-मोबिलिटी वाहनों पर केंद्रित है। शुरुआती निवेश करीब ₹252 करोड़ बताया गया, जबकि विस्तार के साथ कुल पूंजीगत खर्च करीब ₹1,000 करोड़ तक पहुंचने की योजना है।

FactGiri का निष्कर्ष
अखिलेश यादव का यह कहना कि यूपी में निवेश सिर्फ प्रचार है और जमीन पर कोई निवेश नहीं हुआ, गलत है। रिकॉर्ड में हजारों परियोजनाओं के ग्राउंडेड होने और कई बड़े प्लांट के निर्माण या संचालन में आने के प्रमाण हैं।




