Factgiri Fact Check: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का करीब पांच सेकंड का वीडियो क्लिप शेयर करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकार कर लिया है कि उनके राज में “PDA का उत्पीड़न रुकने वाला नहीं है।” लेकिन क्या CM योगी आदित्यनाथ ने वास्तव में ऐसा कहा था?
FactGiri ने वायरल क्लिप के साथ उनके पूरे बयान का संदर्भ जांचा, तो सामने आया कि वीडियो में CM का अधूरा बयान चलाया जा रहा।
अखिलेश यादव ने क्या दावा किया?
अखिलेश यादव ने 7 अक्टूबर को X पर CM योगी का छोटा क्लिप शेयर किया। इसमें योगी कहते सुनाई देते हैं- “PDA का क्या हाल होगा, यह भी सामने आएगा।”
अखिलेश ने इसे “5 सेकंड की स्वीकारोक्ति” बताते हुए लिखा कि इसका मतलब “पीड़ित, दुखी, अपमानित” और “पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक-आधी आबादी-आदिवासी” के खिलाफ अत्याचार और अन्याय बढ़ना है।
पूरा बयान किस संदर्भ में था?
FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि योगी का यह बयान PDA के उत्पीड़न पर नहीं, बल्कि राज्यसभा चुनाव और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के राजनीतिक समीकरण पर था।
7 अक्टूबर को लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा में CM योगी ने समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक हमला किया। सीएम योगी ने कई बार अपने भाषण में विपक्षियों पर तंज कसते हुए PDA को परिवार डेवलप्मेंट अथॉरिटी कहा है। अब सुनिये पूरा वीडियो…

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक योगी ने कहा कि राज्यसभा चुनाव ने संकेत दे दिया है कि विधानसभा चुनाव का परिणाम क्या होने वाला है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि लड़ाई फिर “80-20” पर आ गई है- उनके अनुसार 80 फीसदी NDA और 20 फीसदी PDA (अखिलेश यादव लगातार PDA की बात करते हैं) के साथ है। इसके बाद उन्होंने कहा, “PDA का क्या हाल होगा, यह भी सामने आएगा।”

यानी “PDA का क्या हाल होगा” वाली लाइन से ठीक पहले बात NDA बनाम PDA के चुनावी संख्या-बल और विधानसभा चुनाव के संभावित प्रदर्शन की हो रही थी। पूरे संदर्भ में CM योगी ने इस हिस्से में “PDA का उत्पीड़न रुकने वाला नहीं है” या “अत्याचार जारी रहेगा” जैसी बात नहीं कही।
FactGiri का निष्कर्ष
अखिलेश यादव का दावा भ्रामक है। CM योगी ने “PDA का क्या हाल होगा” कहा था, लेकिन यह बयान PDA के उत्पीड़न या अत्याचार के संदर्भ में नहीं था। पूरा बयान राज्यसभा चुनाव के नतीजों और आगामी विधानसभा चुनाव में NDA और तथाकथित PDA की राजनीति करने वालों के बीच राजनीतिक मुकाबले को लेकर था।
FACTGIRI VERDICT: भ्रामक और आधे अधूरे छोटे क्लिप को चुनावी संदर्भ से अलग कर ‘PDA के उत्पीड़न की स्वीकारोक्ति’ के रूप में पेश किया गया, जो कि गलत है।




