FactGiri Fact Check: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म और उसे नहर में फेंकने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानून-व्यवस्था संबंधी छवि पर व्यंग्य करते हुए लिखा गया, “योगी जी के अनुसार यूपी में सब चंगा। FactGiri ने वायरल दावे, बुलंदशहर पुलिस के आधिकारिक बयान और मीडिया रिपोर्टों की पड़ताल की।
क्या है वायरल दावा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @dbabuadvocate ने दावा किया कि बुलंदशहर में किशोरी से गैंगरेप के बाद उसे नाले में फेंक दिया गया। पोस्ट में घटना का उल्लेख करते हुए प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए गए।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
हिन्दुस्तान, TV9 भारतवर्ष और अमर उजाला की 8 अक्टूबर की रिपोर्टों के अनुसार, घटना 6-7 अक्टूबर की रात बुलंदशहर के खुर्जा देहात थाना क्षेत्र के नगला चीती गांव के पास हुई। पुलिस के मुताबिक दो परिचित आरोपियों, शफीक और भूरा, पर किशोरी को बाइक से नहर के पास ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म करने और विरोध करने पर नहर में धक्का देने का आरोप है।

किशोरी ने पेड़ की टहनी पकड़कर खुद को बचाए रखा। उसकी आवाज सुनकर ग्रामीण पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
बुलंदशहर पुलिस ने 8 अक्टूबर को आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि मामले का 12 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अंतरिक्ष जैन के मुताबिक मामले में थाना खुर्जा देहात में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई।
आरोपी भूरा उर्फ मोहम्मद फिरोज को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने शफीक को भी धरपा मोड़ के पास मुठभेड़ में पकड़ा। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान शफीक ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मीडिया रिपोर्टों में क्या पुष्टि हुई?
अमर उजाला ने भी बताया कि खुर्जा देहात पुलिस ने बुधवार रात मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं TV9 भारतवर्ष ने किशोरी के साथ हुई घटना और पुलिस कार्रवाई का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया।
FACTGIRI VERDICT: घटना और आरोप वास्तविक दर्ज मामले से जुड़े हैं। पुलिस ने 12 घंटे के भीतर खुलासे और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। वायरल पोस्ट में पुलिस कार्रवाई का संदर्भ नहीं दिया गया है।




