FactGiri Fact Check: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में स्कूल जा रही मां-बेटी पर ईंट-पत्थरों से हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। कार के अंदर मौजूद बच्ची अपनी मां से बचाने की गुहार लगाती सुनाई देती है। इसी घटना को लेकर कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ने के बाद गंभीर धाराएं हटाकर छोड़ दिया। आरोपियों के एक मंत्री से करीबी संबंध होने का आरोप भी लगाया गया। इसपर FactGiri ने वायरल दावे, रायबरेली पुलिस के आधिकारिक जवाब और समाचार रिपोर्टों की पड़ताल की।
7 अक्टूबर की सुबह क्या हुआ था?
न्यूज 18 हिंदी और टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब सात बजे जगतपुर थाना क्षेत्र के उड़वा गांव में रिद्धिमा सिंह अपनी बेटी को कार से स्कूल छोड़ने जा रही थीं। आरोप है कि रास्ते में कुछ लोगों ने उनकी कार रोककर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। कार के शीशे टूट गए और मां-बेटी घायल हो गईं। डैशकैम में रिकॉर्ड हुई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

अमर उजाला की 8 अक्टूबर की रिपोर्ट में सीओ डलमऊ गिरिजाशंकर त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि पीड़ित परिवार और ग्राम प्रधान रमेश मिश्रा के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस इसी विवाद को घटना की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है।
क्या पुलिस ने तीनों आरोपियों को छोड़ दिया?
यही वायरल दावे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। रायबरेली पुलिस ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर स्पष्ट किया कि थाना जगतपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई जारी होने की भी जानकारी दी। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक मामले में FIR दर्ज हुई। पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेने की पुष्टि की है।

क्या आरोपियों को मंत्री का संरक्षण मिला?
वायरल पोस्ट में आरोपियों को मंत्री का करीबी बताते हुए पुलिस पर उन्हें बचाने का आरोप लगाया गया। हालांकि उपलब्ध पुलिस बयान और समाचार रिपोर्टों में इस कथित राजनीतिक संरक्षण का स्वतंत्र प्रमाण नहीं मिला है।
FACTGIRI VERDICT: भ्रामक दावा। आरोपियों को छोड़ने का दावा पुलिस के आधिकारिक बयान के विपरीत है। हमला वास्तविक है, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की जानकारी दी है।




