Factgiri Fact Check: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के छह महीने में एक लाख सरकारी नियुक्ति-पत्र देने के दावे पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि अगस्त और सितंबर में नौकरी नहीं मिली और सितंबर में भी स्थिति ऐसी ही रहने वाली है। Factgiri ने इस दावे की पड़ताल के लिए अगस्त और सितंबर 2026 में हुए सरकारी नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रमों के रिकॉर्ड खंगाले।
क्या था अखिलेश यादव का दावा?
अखिलेश यादव ने 17 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के छह महीने में एक लाख सरकारी नियुक्ति-पत्र देने के ऐलान पर सवाल उठाते हुए अगस्त और सितंबर में नियुक्तियों को लेकर सवाल किया था। इससे पहले 30 अगस्त को भी उन्होंने सरकार के एक लाख नियुक्ति-पत्र देने के दावे पर सवाल उठाया था।
Factgiri की पड़ताल में क्या निकला?
उपलब्ध सरकारी कार्यक्रमों और रिपोर्टों के मुताबिक 25 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि विभाग के 3,446 प्राविधिक सहायकों और मंडी परिषद के 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति-पत्र दिए। यानी इस कार्यक्रम में कुल 3,572 अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए गए। इससे यह दावा सही नहीं बैठता कि अगस्त में बिल्कुल कोई नियुक्ति-पत्र वितरित नहीं हुआ।
सितंबर में भी कई नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम हुए। 19 सितंबर को 818, 20 सितंबर को उत्तर प्रदेश पुलिस के लिपिक संवर्ग के 912 और 22 सितंबर को माध्यमिक शिक्षा विभाग के 3,567 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र दिए गए।
इन तीन कार्यक्रमों में कुल 5,297 नियुक्ति-पत्र वितरित हुए। इसके बाद 28 सितंबर को 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को भी नियुक्ति-पत्र दिए गए। 19 से 28 सितंबर के बीच इन चार कार्यक्रमों में कुल 6,672 नियुक्ति-पत्र वितरित किए गए। दैनिक जागरण ने भी इस नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को पब्लिश किया था।

निष्कर्ष
Factgiri की पड़ताल में अगस्त 2026 में 3,572 नियुक्ति-पत्र वितरित किए जाने का रिकॉर्ड मिला। सितंबर में 19 से 28 सितंबर के बीच बताए गए चार कार्यक्रमों में 6,672 नियुक्ति-पत्र वितरित किए गए।
इसलिए अगस्त को पूरी तरह ‘जीरो नौकरी’ वाला महीना बताना उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता। वहीं सितंबर के अंतिम आंकड़े के तौर पर भी “जीरो नौकरी” कहना गलत है।
Fact Check: भ्रामक दावा




