Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर सपा विधायक राहुल लोधी और पुलिस के बीच हुई झड़प का एक वीडियो तेजी से वायरल है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि रायबरेली में पुलिस ने सपा विधायक और कार्यकर्ताओं को लात-घूंसों व डंडों से पीटा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे ‘PDA समाज पर पुलिस का प्रहार’ भी बताया। Factgiri की पड़ताल में सामने आया कि वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की जरूर हुई थी, लेकिन विधायक की लात-घूंसों और डंडों से पिटाई का दावा भ्रामक है।
वायरल वीडियो के साथ क्या दावा किया जा रहा है?
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा है कि रायबरेली में पुलिस ने सपा विधायक राहुल लोधी और पार्टी कार्यकर्ताओं को बेरहमी से पीटा। कुछ पोस्ट में इसे राजनीतिक और जातीय रंग देते हुए ‘PDA पर हमला’ बताया गया है।
वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी दिखाई देती है। इसी वीडियो के आधार पर पुलिस पर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पिटाई का आरोप लगाया जा रहा है।
कॉलेज विवाद से शुरू हुआ था पूरा मामला
मामले की पड़ताल के दौरान आजतक और हिन्दुस्तान की रिपोर्ट्स से सामने आया कि विवाद की शुरुआत रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में सदस्यता अभियान को लेकर हुई थी। समाजवादी छात्रसभा और ABVP के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और नारेबाजी हुई।
मामला बढ़ने पर सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव समेत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। बाद में हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी और बछरावां विधायक श्यामसुंदर भारती भी एसपी कार्यालय पहुंचे। सपा नेता संबंधित कोतवाल को हटाने की मांग कर रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।

पुलिस ने क्या कहा, यही है पड़ताल का अहम हिस्सा
रायबरेली पुलिस के आधिकारिक बयान में सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा छात्रों या कार्यकर्ताओं की पिटाई किए जाने के आरोपों को असत्य, भ्रामक और निराधार बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस का कहना है कि किसी पक्ष के साथ मारपीट नहीं की गई, बल्कि दोनों पक्षों को अलग कर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया गया।
वहीं, मीडिया रिपोर्टों में एसपी कार्यालय के बाहर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और बल प्रयोग का जिक्र है। यानी मौके पर तनाव और हाथापाई जैसी स्थिति बनी थी, लेकिन वायरल पोस्ट में जिस तरह ‘विधायक को लात-घूंसों और डंडों से पीटने’ का दावा किया जा रहा है, वो निराधार है।
PDA पर हमला’ वाला दावा कितना सही?
वायरल पोस्ट का दूसरा बड़ा दावा अखिलेश यादव इसे PDA समाज पर हमला बता रहे हैं। लेकिन उपलब्ध घटनाक्रम के मुताबिक विवाद की शुरुआत कॉलेज में सपा छात्रसभा और ABVP के बीच सदस्यता अभियान को लेकर हुई थी। इसके बाद मामला एसपी कार्यालय तक पहुंचा और पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया। इसलिए इस पूरे घटनाक्रम को सीधे तौर पर किसी जाति या समुदाय के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई बताना उपलब्ध तथ्यों से साबित नहीं होता।

Factgiri का निष्कर्ष
रायबरेली में सपा विधायक राहुल लोधी और पुलिस के बीच झड़प का वीडियो असली घटना का है, लेकिन उसे ‘लात-घूंसों और डंडों से विधायक की बेरहमी से पिटाई’ तथा ‘PDA समाज पर हमला’ बताकर शेयर करना भ्रामक है। पुलिस के आधिकारिक बयान में मारपीट से इनकार किया गया है।
Verdict: भ्रामक




