Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक पुलिसकर्मियों के साथ चलता दिखाई देता है। वीडियो में शुरुआत में युवक सामान्य तरीके से चलता है, लेकिन कुछ कदम आगे बढ़ने के बाद एक पुलिसकर्मी उसके कान में कुछ कहता है और इसके बाद युवक लंगड़ाकर चलने लगता है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यूपी पुलिस के कहने पर अपराधी ने अचानक लंगड़ाकर चलना शुरू कर दिया।
लेकिन Factgiri की पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला। वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि गुजरात के आनंद जिले के आंकलाव का है। यह वीडियो 2025 में एक पांच साल की बच्ची की हत्या और दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस कार्रवाई के दौरान ले जाते समय सामने आया था।
वायरल वीडियो के साथ क्या दावा किया जा रहा है?
सोशल मीडिया पर करीब 14 सेकेंड का यह वीडियो शेयर किया जा रहा है। इसमें कुछ पुलिसकर्मी एक युवक को लेकर जाते नजर आते हैं। तभी एक पुलिसकर्मी युवक के पास पहुंचता है और उसके कान में कुछ कहता दिखाई देता है। इसके तुरंत बाद युवक की चाल बदल जाती है और वह लंगड़ाकर चलने लगता है।
वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि पहले पुलिस ने आरोपी को बिल्कुल ठीक हालत में पकड़ा था, लेकिन दरोगा के कान में कुछ कहने के बाद उसने लंगड़ाना शुरू कर दिया। इसी आधार पर यूपी पुलिस पर तंज कसा जा रहा है।
Factgiri की पड़ताल में ऐसे सामने आया सच
वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए कीफ्रेम निकालकर रिवर्स इमेज सर्च किया गया। सर्च के दौरान यही वीडियो सितंबर 2025 की पोस्ट और खबरों में मिला, जहां इसे उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि गुजरात के आनंद जिले का बताया गया था।

इसके बाद संबंधित कीवर्ड से सर्च करने पर आजतक की 9 सितंबर 2025 की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो आंकलाव तालुका के नवाखल गांव में पांच साल की बच्ची से जुड़े हत्या और दुष्कर्म के मामले के आरोपी अजय उर्फ राहुल जीकाभाई पढियार की पुलिस कार्रवाई के दौरान का है।

गुजरात में क्या हुआ था?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 30 अगस्त 2025 को नवाखल गांव से पांच साल की बच्ची लापता हुई थी। पुलिस जांच में सीसीटीवी के जरिए अजय पढियार के बारे में जानकारी सामने आई। बाद में बच्ची का शव नदी से बरामद किया गया और मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
गुजरात जागरण की 4 सितंबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस आरोपी को साथ लेकर घटना का रीकंस्ट्रक्शन कराने पहुंची थी। इसी दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें आरोपी पहले सामान्य तरीके से चलता और फिर उसकी चाल बदलती दिखाई देती है।

वहीं Gujarat First ने भी 4 सितंबर को वायरल वीडियो और आरोपी की चाल बदलने से जुड़े दावे पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी। रिपोर्ट में वीडियो को लेकर सवाल उठाए गए थे, हालांकि उसने वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की थी।
यूपी पुलिस ने भी बताया गुजरात का वीडियो
इस मामले का सबसे अहम सबूत UP Police Fact Check का आधिकारिक स्पष्टीकरण है। यूपी पुलिस की फैक्ट-चेक इकाई ने वायरल वीडियो को उत्तर प्रदेश का बताने वाले दावे को भ्रामक बताया और स्पष्ट किया कि घटना आनंद, गुजरात से संबंधित है। लोगों से वीडियो को यूपी का बताकर अफवाह नहीं फैलाने की अपील भी की गई थी। इस आधिकारिक स्पष्टीकरण की जानकारी आजतक की फैक्ट-चेक रिपोर्ट में भी दी गई है।
Factgiri का निष्कर्ष
वायरल वीडियो असली घटना का है, लेकिन इसके साथ किया जा रहा दावा गलत जगह और गलत संदर्भ जोड़ता है। यह यूपी पुलिस का वीडियो नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों और यूपी पुलिस फैक्ट चेक के मुताबिक, वीडियो गुजरात के आनंद जिले के आंकलाव में हुई वारदात के आरोपी की पुलिस कार्रवाई के दौरान का है।
FACT CHECK: भ्रामक दावा




