Fact Check: रोहनिया थाना क्षेत्र में एक युवती को कुछ लोगों द्वारा स्कॉर्पियो में बैठाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में युवती को पकड़कर गाड़ी में बैठाते कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं। इसी आधार पर सोशल मीडिया पोस्ट में इसे युवती के अपहरण की घटना बताया गया और वाराणसी की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए। लेकिन FactGiri की पड़ताल में वायरल वीडियो के पीछे की कहानी अलग सामने आई।
क्या है वायरल दावा?
एक्स यूजर रिंकू नरोलिया समेत कई सोशल मीडिया यूजर्स ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि वाराणसी में हाईवे स्थित अस्पताल के पास कुछ युवक एक लड़की को स्कॉर्पियो में जबरन अगवा कर ले गए। पोस्ट में घटना को उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और योगी सरकार से भी जोड़ा गया।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
वायरल वीडियो की पड़ताल के दौरान सोशल मीडिया पर एक दूसरा वीडियो सामने आया। इसमें युवती अपने पिता और मां के साथ दिखाई देती है। बातचीत में परिवार की ओर से स्पष्ट किया गया कि मामला अपहरण का नहीं था। युवती परिवार से नाराज होकर बाहर गई थी और परिजनों को देखकर डर गई थी, जिसके कारण वह उनके साथ कार में बैठने के लिए तैयार नहीं हो रही थी।
इसके बाद FactGiri ने मामले में पुलिस के पक्ष की जानकारी भी देखी। रोहनिया पुलिस ने वायरल वीडियो में दिखाई दे रही स्कॉर्पियो के नंबर के आधार पर वाहन मालिक की जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार वाहन चंदौली का निकला। इसके बाद युवती के परिजनों से संपर्क किया गया।
DCP वरुणा जोन ने भी अपहरण के मामले का खंडन किया है। पड़ताल में उनको ऑफिशियल ट्विट से इस बात की पुष्टी हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवती अपने घर पर परिजनों का साथ सुरक्षित है। युवती घरवालों से नाराज होकर बिना बताए प्रयागराज चली गई थी। परिवार उसकी तलाश कर रहा था। इसी दौरान उसे वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल के पास देखा गया और परिजनों को इसकी जानकारी दी गई।
परिजन मौके पर पहुंचे तो युवती उनके साथ जाने को तैयार नहीं थी। इसी दौरान उसे पकड़कर कार में बैठाने की कोशिश की गई और किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया। यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर अपहरण के दावे के साथ वायरल हो गया। पड़ताल में दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट भी मिली, यहां भी युवती को अपहरण करने का दावा भ्रामक निकला।

निष्कर्ष
FactGiri की पड़ताल में वायरल वीडियो वास्तविक मिला, लेकिन उसे युवती के अपहरण की घटना बताकर शेयर करना भ्रामक है। सामने आए पारिवारिक बयान और पुलिस की जांच के मुताबिक युवती सुरक्षित है और मामला परिवार से जुड़ा था।
FACTGIRI VERDICT: MISLEADING




