Fact Check: वाराणसी में जलभराव को लेकर UP कांग्रेस की ओर से शेयर किया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। 11 सितंबर को उत्तर प्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक अकाउंट और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने शिवाला इलाके की गलियों का वीडियो शेयर किया। वीडियो में सड़क पर घुटनों से लेकर कमर तक पानी भरा नजर आ रहा है। पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार पर जलभराव को लेकर तंज कसा गया और इसे बनारस की बदहाल व्यवस्था से जोड़कर पेश किया गया। लेकिन फैक्टगिरी की पड़ताल में ये दावा अधुरा और भ्रामक साबित हुआ।
क्या है वायरल वीडियो का दावा ?
UP कांग्रेस और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के पोस्ट में वीडियो के साथ दावा किया गया कि काशी की जनता कमर भर पानी में ‘वॉटर पार्क’ का लुत्फ उठा रही है। पोस्ट में यह भी तंज किया गया कि पानी अक्टूबर-नवंबर में उतरने के बाद ही प्रधानमंत्री यहां चाय पीने आएंगे।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
Factgiri ने जब इस पोस्ट की जांच की और तो सामने आया कि जवाब में वाराणसी नगर निगम ने उसी दिन स्थिति पर अपना पक्ष रखा, और बताया कि शिवाला क्षेत्र में जलजमाव से संबंधित कुछ फोटो/पोस्ट आए हैं। स्पष्ट करना है कि ये फोटो भारी बारिश के तत्काल बाद के अस्थायी जलजमाव को दर्शाते हैं, न कि सीवर ओवरफ्लो को। बारिश रुकने के लगभग 15–20 मिनट में जलनिकासी हो गई थी।
शिवाला क्षेत्र में लगभग ₹130 करोड़ की लागत से नवीन सीवेज लाइन परियोजना स्वीकृत हो चुकी है और टेंडर प्रक्रिया पूर्ण है। बरसात के बाद कार्य प्रारंभ प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत पूरे वार्ड में नवीन सीवेज नेटवर्क विकसित/प्रतिस्थापित किया जाएगा।

साथ ही, वाराणसी के 17 प्रभावित वार्डों में सीवेज व्यवस्था के व्यापक सुधार हेतु नवीन सीवेज लाइन बिछाने/पुरानी लाइनों के प्रतिस्थापन का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
निष्कर्ष
FactGiri की पड़ताल में यह स्पष्ट है कि शिवाला क्षेत्र में भारी बारिश के बाद जलजमाव हुआ था और कांग्रेस ने उसी वास्तविक दृश्य का वीडियो शेयर किया। लेकिन वीडियो के आधार पर पानी लंबे समय तक जमा रहने या सीवर ओवरफ्लो होने की बात की पुष्टि नहीं होती। नगर निगम ने इन दोनों दावों का खंडन करते हुए पानी 15-20 मिनट में निकलने की बात कही है।
Verdict: MISLEADING / अधूरी जानकारी




