Fact Check: समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने 3 सितंबर 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया। वीडियो में कीचड़ भरे रास्ते पर कुछ लोग फायरिंग करते और भागते नजर आते हैं। पोस्ट में लोकेशन मुजफ्फरनगर दी गई है। Factgiri की पड़ताल में दावा भ्रामक यानी MISLEADING पाया गया, क्योंकि इस मामले में पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया है, साथ ही 1 युवक की गिरफ्तारी भी हुई है।
क्या है वायरल दावा?
सपा मीडिया सेल ने वीडियो को यूपी की खराब कानून-व्यवस्था का उदाहरण बताते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा।
Factgiri की पड़ताल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो 30 अगस्त 2026 को मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र के सीताबपुरी गांव में हुई मारपीट और फायरिंग की घटना से जुड़ा है। मामला पुरानी रंजिश का बताया गया। शादी समारोह के दौरान हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों में तनाव चल रहा था। रविवार को विवाद बढ़ने पर मारपीट, पथराव और फायरिंग हुई, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। एसपी देहात और सीओ समेत पुलिस बल ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति संभाली। पुलिस ने मौके से एक तमंचा और चार कारतूस बरामद किए। शुरुआती कार्रवाई में दोनों पक्षों के चार लोगों को हिरासत में लिया गया था। समाजवादी पार्टी मीडिया सेल की पोस्ट में मुजफ्फरनगर पुलिस ने रिप्लाई करते हुआ कार्रवाई की जानकारी भी दी है।
31 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, मामले में एक आरोपी शिशांत को तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई।

निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर के सीताबपुरी में फायरिंग और मारपीट की घटना वास्तविक थी।
सपा मीडिया सेल ने घटना के साथ हुई पुलिस कार्रवाई और हिरासत की जानकारी को नजरअंदाज करते हुए इसे सीधे “वेंटिलेटर पर कानून-व्यवस्था” के राजनीतिक दावे के तौर पर पेश किया।
Factgiri का Verdict: MISLEADING यानी भ्रामक।




