Rahul Gandhi Pune Viral Video Fact Check: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से जुड़े कई वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसी बीच एक ऐसा वीडियो भी तेजी से शेयर किया गया, जिसमें भारी संख्या में लोगों की भीड़ नजर आ रही है। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया। हालांकि, पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो का राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं है। वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया गया।
संजय राउत ने वीडियो शेयर कर क्या दावा किया?
वायरल वीडियो में एक जगह भारी संख्या में लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। वीडियो को शेयर करते हुए संजय राउत ने लिखा, “आज पुणे अमित शाह हिम्मत है तो रोक लो।”
इस पोस्ट के जरिए ऐसा माहौल बनाया गया कि वीडियो पुणे में आयोजित राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का है और वहां बड़ी संख्या में छात्र और लोग राहुल गांधी को सुनने पहुंचे थे।
पोस्ट शेयर होने के बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा। कई यूजर्स ने भी इसे राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम से जोड़कर आगे शेयर करना शुरू कर दिया।
Fact Check: क्या वाकई पुणे का है वायरल वीडियो?
नहीं, वायरल वीडियो पुणे का नहीं है। वायरल वीडियो की पड़ताल में सामने आया कि इसका राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं है। दरअसल, यह वीडियो मेक्सिको के फुटबॉल जोकालो का है। यानी एक पुराने/अलग स्थान के वीडियो को पुणे में राहुल गांधी के कार्यक्रम का बताकर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। इसलिए वीडियो के साथ किया जा रहा यह दावा कि इसमें राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम में जुटी भीड़ दिखाई गई है, भ्रामक और गलत है।
वायरल वीडियो है कहां का
इस वीडियो को carlotavizmanos नाम की इंस्टाग्राम यूजर ने अपने इंस्टा अकाउंट पर शेयर किया था, जो कि पेशे से खुद एक जर्नलिस्ट हैं। carlotavizmanos स्पेन की रहने वाली है और फिलहाल Miami, USA में रहती है।

सोशल मीडिया पर सवाल उठने के बाद डिलीट की पोस्ट
वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठने के बाद यूजर अनुपम मिश्रा ने भी पोस्ट शेयर कर बताया कि वायरल वीडियो और राहुल गांधी के कार्यक्रम से जुड़े वास्तविक वीडियो में अंतर क्या है।
इसके बाद संजय राउत की पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे। लोगों ने वीडियो के स्रोत और उसके पुणे से संबंध को लेकर सवाल किए। विवाद बढ़ने के बाद संजय राउत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से वायरल वीडियो वाली पोस्ट डिलीट कर दी। हालांकि, तब तक वीडियो के स्क्रीनशॉट और उसकी कॉपी सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर फैल चुकी थीं।



