Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी मीडिया सेल का एक वीडियो वायरल है, जिसमें अग्निवीर योजना को लेकर योगी सरकार पर युवाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया गया है। वीडियो में दो क्लिप हैं। पहली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अग्निपथ योजना का समर्थन करते हुए और पूर्व अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में प्राथमिकता देने की बात करते दिखाई देते हैं। दूसरी क्लिप में एक व्यक्ति पार्किंग में खड़े वाहनों के पास एक गार्ड को दिखाकर उसे कथित तौर पर चार साल की सेवा पूरी कर चुका अग्निवीर बताता है। FACTGIRI ने वायरल दावे के साथ योजना के नियम और सरकार के रोजगार संबंधी फैसलों की पड़ताल की, तो सामने आया कि 21 जुलाई 2026 तक अग्निवीरों का पहला बैच भी चार साल की सेवा पूरी नहीं कर पाया था।
पहले समझिए, अग्निपथ योजना किसकी है?
अग्निपथ केंद्र सरकार की योजना है। केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को इसे मंजूरी दी थी। इसके तहत अग्निवीरों की सशस्त्र बलों में चार साल की सेवा होती है। चार साल बाद प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को प्रदर्शन और संगठन की जरूरत के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। बाकी सेवा से बाहर होते हैं।
चार साल पूरे करने वाले अग्निवीरों को सेवा निधि के तौर पर करीब 11.71 लाख रुपये मिलते हैं। योजना में सामान्य पेंशन और ग्रेच्युटी का प्रावधान नहीं है। सेवा के दौरान 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा और कौशल प्रमाणपत्र जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं।

योगी सरकार ने क्या किया?
जून 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्निपथ योजना का समर्थन करते हुए पूर्व अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश पुलिस और संबंधित सेवाओं में प्राथमिकता देने की बात कही थी। इसके बाद 3 जून 2025 को यूपी कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी। पुलिस कांस्टेबल, PAC, माउंटेड पुलिस और फायरमैन जैसी सीधी भर्तियों में यह व्यवस्था लागू की गई। साथ ही अधिकतम तीन वर्ष की आयु छूट का प्रावधान किया गया।

वायरल वीडियो में सबसे बड़ा सवाल
गृह मंत्रालय के 21 जुलाई 2026 के आधिकारिक जवाब के मुताबिक उस समय तक अग्निवीरों का पहला बैच भी चार साल की सेवा पूरी नहीं कर पाया था। केंद्र ने CAPF और असम राइफल्स में पूर्व अग्निवीरों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण और आयु छूट जैसी व्यवस्थाओं की भी जानकारी दी।

ऐसे में वीडियो में दिखाए गए व्यक्ति को बिना स्वतंत्र प्रमाण के चार साल की सेवा पूरी कर चुका अग्निवीर बताना सवालों के घेरे में है। व्यक्ति की पहचान, सैन्य सेवा और नौकरी की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इस क्लिप को सभी अग्निवीरों की स्थिति का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
FACTGIRI Verdict: भ्रामक / अधूरा दावा
निष्कर्ष
अग्निपथ योजना केंद्र सरकार की है और चार साल की सेवा के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत नियमित भर्ती का प्रावधान वास्तविक है। लेकिन वायरल वीडियो जिस व्यक्ति को चार साल बाद का अग्निवीर बताता है, उसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं है। वहीं यूपी सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस और संबंधित सेवाओं में 20 प्रतिशत आरक्षण का फैसला किया है। इसलिए एक अप्रमाणित वीडियो क्लिप के आधार पर अग्निवीरों के साथ योगी सरकार ने धोखा किया कहना भ्रामक है।




