Factgiri Fact Check: समाजवादी पार्टी के सोशल मीडिया सेल ने यूपी में हाल की अपराध घटनाओं की न्यूज क्लिपिंग शेयर कर प्रदेश की कानून व्यवस्था को बर्बाद बताया है। FactGiri की पड़ताल में कई मामलों में पुलिस कार्रवाई भी हुई। वहीं NCRB के व्यापक आंकड़े भी यूपी में अपराध लगातार बढ़ने या कानून व्यवस्था पूरी तरह बर्बाद होने के दावे की पुष्टि नहीं करते।
NCRB का डेटा क्या बताता है?
NCRB की Crime in India 2024 रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 4,30,552 संज्ञेय अपराध दर्ज हुए। राज्य की अपराध दर 180.2 प्रति लाख आबादी रही, जबकि राष्ट्रीय औसत 252.3 था। यानी यूपी की दर राष्ट्रीय औसत से करीब 28.5% कम रही। तुलनीय आंकड़ों में यूपी की अपराध दर 2023 में 181.3 थी, जो 2024 में घटकर 180.2 हो गई।

UP-112 के आंकड़े भी क्या कहते हैं?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक UP-112 का औसत response time 2016 के 1 घंटा 5 मिनट से घटकर 2025 में 6 मिनट 41 सेकेंड हुआ। इस सेवा के जरिए 3.1 करोड़ से अधिक कॉल अटेंड किए जाने का रिकॉर्ड भी सामने आया है।
अखिलेश सरकार के 2016 में यूपी में 4,889 हत्या के मामले दर्ज हुए थे। योगी सरकार में 2024 में 3,218 मामले दर्ज हुए। यानी संख्या करीब 34% कम। वहीं 2024 में यूपी की overall crime rate 180.2 रही, जो राष्ट्रीय औसत 252.3 से करीब 28.6% कम है। 2023 के तुलनीय 181.3 से भी यह घटकर 180.2 हुई।

NCRB के आंकड़ों में अखिलेश सरकार के आखिरी पूरे साल 2016 के मुकाबले 2024 में यूपी में हत्या के दर्ज मामले करीब 34% और दुष्कर्म के मामले करीब 33% कम हैं। वहीं 2024 में यूपी की कुल अपराध दर राष्ट्रीय औसत से करीब 28.5% नीचे रही।

FactGiri का निष्कर्ष
FactGiri की पड़ताल में यूपी में अपराध नहीं थम रहा और कानून-व्यवस्था बर्बाद हो गई है वाला दावा भ्रामक पाया गया।




