Factgiri Fact Check: समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने 4 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट कर आरोप लगाया कि अखिलेश यादव सरकार के समय शुरू की गई महिला हेल्पलाइन 1090 को भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बर्बाद कर दिया। 1090 की शुरुआत 15 नवंबर 2012 को हुई थी, यह तथ्य सही है। लेकिन सवाल यह है कि योगी सरकार के दौरान इस व्यवस्था में क्या बदलाव और विस्तार हुआ? FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि 1090 को सीमित करने के बजाय इसे व्यापक महिला एवं बाल सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा गया।
क्या योगी सरकार में 1090 बर्बाद हो गई?
18 अगस्त 2020 को उत्तर प्रदेश सरकार ने Women & Child Security Organisation (WCSO) का गठन किया। इसके तहत 1090 को अकेली हेल्पलाइन के बजाय महिला और बाल सुरक्षा के बड़े संस्थागत ढांचे का हिस्सा बनाया गया। WCSO की इकाइयां प्रदेश के सभी 75 जिलों में हैं।
यानी 1090 का काम सिर्फ फोन उठाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिकायतों की निगरानी, फॉलोअप, महिला अपराध की जांच और सुरक्षा से जुड़े दूसरे सिस्टम के साथ समन्वय भी बढ़ा।

1090 को UP-112 और 181 से जोड़ा गया
योगी सरकार के दौरान 1090 को UP-112 और महिला हेल्पलाइन 181 के साथ इंटीग्रेट किया गया। 2021 में सरकार ने बताया था कि 1090 और 181 को Integrated Emergency Service-112 से जोड़ा गया है।
कॉल सेंटर की क्षमता और फॉलोअप व्यवस्था
UP Police के मुताबिक 1090 कॉल सेंटर में करीब 150 सीटों की क्षमता है। यहां औसतन रोजाना करीब 8,000 इनकमिंग और 10,000 आउटगोइंग कॉल संभाली जाती हैं। शिकायत के बाद महिला से अलग-अलग चरणों में फीडबैक लिया जाता है और अंतिम फीडबैक 30 दिन बाद भी लिया जाता है। 1090 में अब फोन कॉल के अलावा सोशल मीडिया उत्पीड़न, स्टॉकिंग और घरेलू हिंसा जैसी शिकायतों को भी शामिल किया गया है।
Mission Shakti ने 1090 का दायरा और बढ़ाया
Mission Shakti Phase-5 के तहत महिला बीट अधिकारियों ने करीब 36 हजार शिकायतों का समाधान, 1.71 लाख ग्राम पंचायतों और वार्डों का दौरा तथा लाखों लोगों तक जागरूकता सामग्री पहुंचाने का काम किया है।
Safe City और साइबर सिस्टम से भी जुड़ी 1090
लखनऊ Safe City Project में 1090 के कॉल सेंटर को मजबूत करने के साथ पिंक स्कूटी, पिंक SUV, पिंक बूथ, CCTV और Integrated Smart Control Room जैसी व्यवस्थाएं जोड़ी गईं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तारीफ
2021 में DGP मुकुल गोयल ने बताया कि UNICEF ने 1090 की तारीफ की और 98% सफलता बताई। Priyanka Chopra (2022) ने UNICEF के दौरे के दौरान 1090 की तारीफ की। Shriya Pilgaonkar (2025) ने कहा कि यह नेशनल मॉडल है और दूसरे शहरों को अपनाना चाहिए।

FactGiri निष्कर्ष
योगी सरकार ने 1090 को बर्बाद कर दिया” – उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड इस दावे की पुष्टि नहीं करते।
1090 की शुरुआत अखिलेश यादव सरकार में हुई थी, लेकिन योगी सरकार के दौरान इसे WCSO, Mission Shakti, UP-112, 181, Safe City, महिला हेल्प डेस्क, साइबर सिस्टम और Mission Shakti Centres जैसे व्यापक सुरक्षा तंत्र से जोड़ा गया। यानी 1090 की मूल हेल्पलाइन को खत्म करने के बजाय उसका दायरा एक बड़े महिला-सुरक्षा नेटवर्क तक बढ़ाया गया।
FactGiri Verdict: दावा गलत




